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Gorakhpur News: गोड़धोइया नाला के किनारे बनेंगे तीन कंट्रोल रूम...बरसात में मिलेगी तत्काल मदद
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फोटो
संपादित
गोड़धोइया नाला: बनेंगे तीन कंट्रोल रूम...बरसात में मिलेगी तत्काल मदद
जल निगम ने जंगल छत्रधारी में बनाया कंट्रोल रूम, दो और बनेंगे
नाले के किनारे मकान में दरार या मोहल्ले में पानी भरने पर कर सकेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला के आसपास रहने वाले लोगों को बरसात में जलभराव से राहत देने के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल निगम ने तीन कंट्रोल रूम बनाने का निर्णय लिया है ताकि कोई भी समस्या आए तत्काल मदद मिल सके। रविवार को जंगल छत्रधारी में पहला कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया। कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी रहेंगे और मदद के लिए मशीनें भी उपलब्ध रहेंगी।
गोड़धोइया नाला के किनारे जंगल छत्रधारी, खजांची पुलिया राजनगर और साईधाम मंदिर हरिसेवक में कंट्रोल रुम बन रहा है। इससे जंगल छत्रधारी, सेमरा, हरिसेवकपुर, राजनगर, बिछिया, मैत्रीपुरम, घोषीपुरवा, आदित्यपुरी, बशारत पूर्वी सहित दस मोहल्ले के लोगों को तत्काल मदद मिलेगी। बड़ा फायदा यह होगा कि किसी के मकान के पास मिट्टी बहेगी तो तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
करीब नौ किमी लंबे गोड़धोइया नाला में 7750 मीटर पक्का नाला बनाया जा रहा है। 18 मीटर चौड़े नाला निर्माण के लिए लोगों ने अपने मकानों का कुछ हिस्सा तोड़ा है, जबकि कुछ लोगों ने लापरवाही करते हुए नींव के पास मिट्टी हटा ली है। कुछ लोगों ने पक्का नाला निर्माण से पहले दूसरी मंजिल पर तीसरी मंजिल बना ली है। बरसात के पहले ही राज नगर में राजेश श्रीवास्तव के मकान में दरार आ गई है, लोहे के गर्डर के सहारे मकान को बचाने की कोशिश की जा रही है। ज्यादातर लोगों ने मकान तोड़ने के बाद मलबा नाले में गिरा दिया, इससे बरसात में जल भराव की आशंका बढ़ गई। सर्वे के दौरान इसे देखने के बाद जल निगम के अभियंता पहले ही सतर्क हो गए हैं। लांग बूम की पोकलेन से नाले की सफाई हो रही है।
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वर्जन
गोड़धोइया नाला निर्माण वाले क्षेत्र में लोगों को बरसात में तत्काल मदद के लिए तीन कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं। इससे दस मोहल्ले के लोगों को जरूरत पर तत्काल मदद मिलेगी। कंट्रोल रूम में मदद के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
-रतनसेन सिंह, अधीक्षण अभियंता, जल निगम
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संपादित
गोड़धोइया नाला: बनेंगे तीन कंट्रोल रूम...बरसात में मिलेगी तत्काल मदद
जल निगम ने जंगल छत्रधारी में बनाया कंट्रोल रूम, दो और बनेंगे
नाले के किनारे मकान में दरार या मोहल्ले में पानी भरने पर कर सकेंगे शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोड़धोइया नाला के आसपास रहने वाले लोगों को बरसात में जलभराव से राहत देने के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल निगम ने तीन कंट्रोल रूम बनाने का निर्णय लिया है ताकि कोई भी समस्या आए तत्काल मदद मिल सके। रविवार को जंगल छत्रधारी में पहला कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया। कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी रहेंगे और मदद के लिए मशीनें भी उपलब्ध रहेंगी।
गोड़धोइया नाला के किनारे जंगल छत्रधारी, खजांची पुलिया राजनगर और साईधाम मंदिर हरिसेवक में कंट्रोल रुम बन रहा है। इससे जंगल छत्रधारी, सेमरा, हरिसेवकपुर, राजनगर, बिछिया, मैत्रीपुरम, घोषीपुरवा, आदित्यपुरी, बशारत पूर्वी सहित दस मोहल्ले के लोगों को तत्काल मदद मिलेगी। बड़ा फायदा यह होगा कि किसी के मकान के पास मिट्टी बहेगी तो तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
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करीब नौ किमी लंबे गोड़धोइया नाला में 7750 मीटर पक्का नाला बनाया जा रहा है। 18 मीटर चौड़े नाला निर्माण के लिए लोगों ने अपने मकानों का कुछ हिस्सा तोड़ा है, जबकि कुछ लोगों ने लापरवाही करते हुए नींव के पास मिट्टी हटा ली है। कुछ लोगों ने पक्का नाला निर्माण से पहले दूसरी मंजिल पर तीसरी मंजिल बना ली है। बरसात के पहले ही राज नगर में राजेश श्रीवास्तव के मकान में दरार आ गई है, लोहे के गर्डर के सहारे मकान को बचाने की कोशिश की जा रही है। ज्यादातर लोगों ने मकान तोड़ने के बाद मलबा नाले में गिरा दिया, इससे बरसात में जल भराव की आशंका बढ़ गई। सर्वे के दौरान इसे देखने के बाद जल निगम के अभियंता पहले ही सतर्क हो गए हैं। लांग बूम की पोकलेन से नाले की सफाई हो रही है।
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गोड़धोइया नाला निर्माण वाले क्षेत्र में लोगों को बरसात में तत्काल मदद के लिए तीन कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं। इससे दस मोहल्ले के लोगों को जरूरत पर तत्काल मदद मिलेगी। कंट्रोल रूम में मदद के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहेंगे।
-रतनसेन सिंह, अधीक्षण अभियंता, जल निगम