{"_id":"6ac1741ecfcc5f8c3a0166bb","slug":"they-targeted-stray-animals-and-delivered-beef-to-homes-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1473203-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: छुट्टा पशुओं को बनाते थे निशाना, घर तक पहुंचाते थे बीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: छुट्टा पशुओं को बनाते थे निशाना, घर तक पहुंचाते थे बीफ
Sun, 04 Oct 2026 03:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 04 Oct 2026 03:01 AM IST
विज्ञापन
गोला (गोरखपुर)। गोला में मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए दो आरोपियों से पूछताछ में गोकशी और मांस की बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। आरोपी इन्हें काटने के बाद मांस को घर तक पहुंचाते थे। पुलिस की जांच में नूरी मस्जिद निवासी आजाद का नाम भी सामने आया है। आजाद पहले से इस धंधे में शामिल था और उसके संपर्क में आने के बाद राजू भी इससे जुड़ गया।
पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े तीन-चार अन्य लोगों को चिह्नित किया है। आजाद की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार आजाद पहले आजमगढ़ और कुशीनगर से मांस लाकर सप्लाई करता था। वर्ष 2024 में गोला में पकड़े जाने के बाद वह पीपीगंज स्थित अपने ससुराल में रहने लगा। आरोप है कि इसके बाद उसने इलाके में छुट्टा पशुओं को पकड़कर कटना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले गोला में एक त्योहार के दौरान आजाद की राजू से मुलाकात हुई थी। इसके बाद राजू भी उसके संपर्क में आ गया।
पुलिस के मुताबिक आजाद पशुओं को काटता था जबकि राजू और उसका चाचा नुरुल हसन मांस ग्राहकों तक पहुंचाते थे। अब्दुल के पहली बार इस धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
उरुवा तक पगडंडियों से पहुंचते थे बीफ
सूत्रों के मुताबिक गोला क्षेत्र में कटे मांस को पगडंडियों और संपर्क मार्गों के जरिये उरुवा क्षेत्र तक पहुंचाया जाता था। वहां स्थानीय ग्राहकों के अलावा आसपास के इलाकों में भी इसकी सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि आसपास के गांवों में रविवार, बुधवार और शुक्रवार को पशुओं के काटने की गतिविधियां होती थीं। परसा उर्फ अगलगहवा में फायर स्टेशन से करीब 500 मीटर दूर खाली स्थान पर भी ऐसी गतिविधियां होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार भोर में पशुओं को काटा जाता था। कुछ मांस मौके पर ही बेचा जाता था जबकि बाकी आसपास के क्षेत्रों में भेज दिया जाता था। घटनास्थल के आसपास मांस पकाने की भट्ठी, प्याज के छिलके और शराब की खाली बोतलें मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।
-- -- -- -- -- -- --
वर्जन
इस धंधे में शामिल स्थानीय लोगों को भी चिह्नित किया गया है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश पुरी, एसपी साउथ
विज्ञापन
पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े तीन-चार अन्य लोगों को चिह्नित किया है। आजाद की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार आजाद पहले आजमगढ़ और कुशीनगर से मांस लाकर सप्लाई करता था। वर्ष 2024 में गोला में पकड़े जाने के बाद वह पीपीगंज स्थित अपने ससुराल में रहने लगा। आरोप है कि इसके बाद उसने इलाके में छुट्टा पशुओं को पकड़कर कटना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले गोला में एक त्योहार के दौरान आजाद की राजू से मुलाकात हुई थी। इसके बाद राजू भी उसके संपर्क में आ गया।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक आजाद पशुओं को काटता था जबकि राजू और उसका चाचा नुरुल हसन मांस ग्राहकों तक पहुंचाते थे। अब्दुल के पहली बार इस धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
उरुवा तक पगडंडियों से पहुंचते थे बीफ
सूत्रों के मुताबिक गोला क्षेत्र में कटे मांस को पगडंडियों और संपर्क मार्गों के जरिये उरुवा क्षेत्र तक पहुंचाया जाता था। वहां स्थानीय ग्राहकों के अलावा आसपास के इलाकों में भी इसकी सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि आसपास के गांवों में रविवार, बुधवार और शुक्रवार को पशुओं के काटने की गतिविधियां होती थीं। परसा उर्फ अगलगहवा में फायर स्टेशन से करीब 500 मीटर दूर खाली स्थान पर भी ऐसी गतिविधियां होने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार भोर में पशुओं को काटा जाता था। कुछ मांस मौके पर ही बेचा जाता था जबकि बाकी आसपास के क्षेत्रों में भेज दिया जाता था। घटनास्थल के आसपास मांस पकाने की भट्ठी, प्याज के छिलके और शराब की खाली बोतलें मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है।
वर्जन
इस धंधे में शामिल स्थानीय लोगों को भी चिह्नित किया गया है। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश पुरी, एसपी साउथ