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Gorakhpur News: लहसड़ी-मलौली बंधे से सटे नदी क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री पर लगेगी रोक

Sun, 14 Jul 2024 03:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:17 AM IST
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There will be a ban on the registry of land in the river area adjacent to Lahasdi-Malauli Dam
धंधेबाजों ने बेच दी है नदी तक की जमीन, बन गए हैं कई मकान, जो बाढ़ से घिरे
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इन गांवों में गाटा संख्या चिह्नित कर तैयार किया जाएगा रिकॉर्ड
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हार्बर्ट बंधे की तरह ही अब मलौली-लहसड़ी बंधे के किनारे नदी क्षेत्र की जमीनों की रजिस्ट्री कराना आसान नहीं होगा। नदी की तरफ अवैध तरीके से हो रही जमीनों की प्लाॅटिंग करने वाले धंधेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन रजिस्ट्री पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आसपास के गांवों का गाटा संख्या के हिसाब से रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जल्द ही निबंधन कार्यालय को दिशा-निर्देश जारी हो सकता है।
महेवा से शुरू हुए इस बंधे पर महेवा, मंझरिया बिस्टौली, अजवनिया, कठउर, लहसड़ी आदि गांवों में नदी के छोर वाले हिस्से में धड़ल्ले से प्लाॅटिंग हुई है। इन गांवों के किसानों की जमीनें नदी की ओर भी हैं, जिसे जमीन के धंधेबाज तेजी से प्लाॅटिंग कर बेच रहे हैं। करीब आठ से दस गांवों में 40 से 50 मकान भी बन गए हैं, जो बाढ़ के पानी से हर साल घिर जाते हैं।
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डीएम कृष्णा करुणेश ने बंधे के निरीक्षण के दौरान अवैध प्लाॅटिंग और बने मकानों की जानकारी ली तो पता चला कि पांच साल से यहां नदी की तरफ धंधेबाज जमीनों को बेच रहे हैं। बहुत सारे लोगाें ने मकान बनवा लिए और कुछ लोग ने नींव डलवाकर मकान बनाने की तैयारी में हैं।
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अब प्रशासन नदी के क्षेत्र में तेजी से हो रहे निर्माण एवं प्लाॅटिंग पर रोक लगाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, इन गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री में हार्बर्ट बंधे की तरह ही शर्त लगा दी जाएगी, जिसे पूरा कर पाना आसान नहीं होगा।

चिह्नित गांव
लहसड़ी, मंझरिया बिस्टौली, कठउर, सेंदुली-बेदुली, अजवनिया, महेवा आंशिक

वर्जन
मलौली-लहसड़ी बंधे के निरीक्षण में पता चला कि नदी क्षेत्र में जमीनों की प्लाॅटिंग की गई है और कुछ लोगों ने मकान भी बनवा लिए हैं। यहां के गाटा संख्या को चिह्नित कर रजिस्ट्री पर रोक लगाई जाएगी। -कृष्णा करुणेश, डीएम
हार्बर्ट बांध से सटे दस गांवों पर सशर्त लगी है रोक
राप्ती व रोहिन नदी के बीच डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अनियोजित विकास पर विराम लगाने के लिए सितंबर 2023 में प्रशासन ने 10 गांवों की जमीन की रजिस्ट्री के लिए कई शर्तें लगाई हैं। शर्त के मुताबिक, यदि गाटों का आवासीय, व्यावसायिक एवं वाणिज्यिक प्रयोग के लिए क्रय-विक्रय किया कराया जाता है तो जीडीए से एनओसी लेना होगा। एनओसी में इस बात का उल्लेख करना होगा कि रजिस्ट्री कराई जा रही भूमि आवासीय, व्यावसायिक व वाणिज्यिक उपयोग के लिए उपयुक्त है तथा प्राधिकरण की ओर से मानचित्र स्वीकृत करने में कोई समस्या नहीं होगी।
यदि कृषि उपयोग के लिए जमीन ली जा रही है तो सिंचाई विभाग के संबंधित खंड, बाढ़ खंड, बाढ़ खंड दो, ड्रेनेज खंड से एनओसी प्रस्तुत करना होगा। एनओसी में इस बात का जिक्र होना चाहिए कि ली जा रही भूमि कृषि उपयोग के लिए उपयुक्त है।


इन गांवों में लागू हो चुका है आदेश

डोमिनगढ़, नरसिंहपुर एहतमाली, मुंडेरी चक, हनुमान चक, बसंतपुर एहतमाली, बसंतपुर खास, हांसूपुर, चकरा अव्वल, हांसूपुर एहतमाली, मुंडेरी चक एहतमाली में सरकारी खाते की 14.987 हेक्टेयर, आबादी से आच्छादित 16.3790 हेक्टेयर व निजी खाते की 78.8740 हेक्टेयर जमीन पर आदेश प्रभावी होगा। इससे हार्बर्ट बांध पर डोमिनगढ़ से चकरा तक 3.9 किलोमीटर के पश्चिम व राप्ती-रोहिन नदी के पूर्व के नदी बहाव क्षेत्र व बांध के बीच के गाटों का सर्वे कराकर यह विवरण निबंधन विभाग को उपलब्ध कराया गया है।
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