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एम्स : इलाज शुरु करने में लगे 3 घंटे, इमरजेंसी से कर दिया बाहर- सांसद तक पहुंची बात; जानिए फिर क्या हुआ
Sun, 09 Mar 2025 12:55 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:55 PM IST
सार
उमाकांत ने बताया कि साढ़े तीन घंटे के इंतजार के बाद किसी तरह मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड में इलाज शुरू हुआ। आरोप लगाया कि शाम छह बजे से मरीज को इमरजेंसी के बाहर कर दिया गया।
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गोरखपुर एम्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एम्स के इमरजेंसी वाॅर्ड में इलाज के लिए आई 22 वर्षीय युवती को शनिवार की रात करीब 11 बजे अन्य हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। युवती को सांस लेने में तकलीफ होने पर एम्स में भर्ती कराया गया था। पिता का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के चलते बेटी की हालत बिगड़ रही है।
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देवरिया जिले के भाटपार रानी की रहने वाली 22 वर्षीय युवती पूजा को दो दिन पूर्व अचानक सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई। पिता उमाकांत इलाज के लिए शनिवार को एम्स लेकर पहुंचे। उमाकांत ने बताया कि साढ़े तीन घंटे के इंतजार के बाद किसी तरह मेडिसिन विभाग के इमरजेंसी वार्ड में इलाज शुरू हुआ।
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आरोप लगाया कि शाम छह बजे से मरीज को इमरजेंसी के बाहर कर दिया गया। करीब चार तीन घंटे तक बेटी बाहर तड़पती रही, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। घरवालों ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। मदद नहीं मिली तो सांसद से मदद के लिए उनके सहयोगी श्याम दूबे से गुहार लगाई। इसके बाद डॉक्टरों ने रात में साढ़े दस बजे फिर से भर्ती किया। कुछ ही देर बाद रेफर कर दिया गया।
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