{"_id":"6a287e53cbe93e4a9d0153c8","slug":"the-remaining-funds-of-the-14th-and-15th-finance-commission-will-not-be-returned-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1348559-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 14वें और 15वें वित्त आयोग की बची धनराशि वापस नहीं होगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 14वें और 15वें वित्त आयोग की बची धनराशि वापस नहीं होगी
विज्ञापन
गोरखपुर। प्रदेश सरकार ने नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को राहत देते हुए 14वें और 15वें केंद्रीय वित्त आयोग के तहत प्राप्त जो धनरशि अबतक खर्च नहीं हो सकी है उसके उपयोग के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया है। शासन ने इन निधियों और उन पर अर्जित ब्याज की उपयोगिता अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
नगर विकास विभाग के उप सचिव की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, कई नगरीय निकाय विभिन्न कारणों से 31 मार्च 2026 तक वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान राशि का पूरा उपयोग नहीं कर सके थे। ऐसे निकायों की मांग पर शासन ने मामले पर विचार करते हुए अवशेष धनराशि के उपयोग के लिए समयवृद्धि की अनुमति प्रदान की है।
आदेश में कहा गया है कि निकायों के बैंक खातों में उपलब्ध अवशेष धनराशि और उस पर अर्जित ब्याज का उपयोग केवल केंद्रीय वित्त आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप अनुमन्य विकास कार्यों पर ही किया जाएगा। साथ ही निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) स्थानीय निकाय निदेशालय को 31 मार्च 2027 तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि शासनादेश का पालन किया जाएगा।इस आदेश से बचे हुए धन का उपयोग कर विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
विज्ञापन
नगर विकास विभाग के उप सचिव की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, कई नगरीय निकाय विभिन्न कारणों से 31 मार्च 2026 तक वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान राशि का पूरा उपयोग नहीं कर सके थे। ऐसे निकायों की मांग पर शासन ने मामले पर विचार करते हुए अवशेष धनराशि के उपयोग के लिए समयवृद्धि की अनुमति प्रदान की है।
विज्ञापन
आदेश में कहा गया है कि निकायों के बैंक खातों में उपलब्ध अवशेष धनराशि और उस पर अर्जित ब्याज का उपयोग केवल केंद्रीय वित्त आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप अनुमन्य विकास कार्यों पर ही किया जाएगा। साथ ही निर्धारित प्रारूप में उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) स्थानीय निकाय निदेशालय को 31 मार्च 2027 तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि शासनादेश का पालन किया जाएगा।इस आदेश से बचे हुए धन का उपयोग कर विकास कार्य कराए जा सकेंगे।