{"_id":"693718b5bc7a01131609e9aa","slug":"the-municipal-corporation-verified-3500-sanitation-workers-but-found-no-rohingyas-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1159012-2025-12-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: नगर निगम ने 3500 सफाई कर्मियों का किया सत्यापन, नहीं मिला कोई रोहिंग्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: नगर निगम ने 3500 सफाई कर्मियों का किया सत्यापन, नहीं मिला कोई रोहिंग्या
Tue, 09 Dec 2025 11:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 11:10 AM IST
सार
नगर निगम ने कूड़ा बीनने वालों की जांच के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। वहीं, नगर निगम के सफाई कर्मियों का सत्यापन पहले ही करवा लिया गया है। इसमें कोई भी रोहिंग्या नहीं मिला है।
विज्ञापन
गोरखपुर नगर निगम
- फोटो : X @NagarNigamGkp
विस्तार
शहर में सुरक्षा और निगरानी के मद्देनजर नगर निगम ने अपने सभी सफाई कर्मियों का सत्यापन पूरा कर लिया है। निगम प्रशासन के अनुसार, कुल 3500 सफाई कर्मियों की जांच की गई, जिनमें किसी भी रोहिंग्या या बांग्लादेशी के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई।
विज्ञापन
सत्यापन के बाद अब नगर निगम ने कूड़ा बीनने वालों की जांच कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में अनियमित रूप से कूड़ा बीनने वाले दिखते हैं, जिनमें कुछ की पहचान सत्यापित नहीं हो पाती। इसी कारण इनकी विस्तृत जांच आवश्यक मानी गई है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की आशंका न रहे।
विज्ञापन
प्रशासन ने हाल ही में रोहिंग्या नागरिकों की संभावित मौजूदगी को लेकर शहर में खोज अभियान तेज कर दिया है। रोहिंग्या नागरिकों को रखने के लिए शाहपुर क्षेत्र में एक डिटेंशन सेंटर बनाया गया है, जहां सत्यापन के बाद पकड़े गए लोगों को रखा जाएगा।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि शहर के कई क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों की ओर से बस्तियों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। टीमें आधार, पहचान पत्र, परिवार की जानकारी और निवास की पुष्टि कर रही हैं।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से एहतियाती है। निगम के सफाई कर्मियों का सत्यापन हो गया है। इसमें कोई भी रोहिंग्या नहीं मिला है। अब शहर में कूड़ा बीनने वालों की पहचान के लिए प्रशासन को पत्र लिखा गया है। सफाई व्यवस्था में लगे सभी कर्मियों की पहचान और पृष्ठभूमि का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है, जिसे नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।