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Gorakhpur IT Survey: आयकर चोरी में बड़ी फर्में रडार पर...शहर के 25 रईस की 'टॉप 75' रजिस्ट्री में खेल की आशंका

Wed, 06 Aug 2025 12:04 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 06 Aug 2025 12:04 PM IST
सार

Gorakhpur IT Survey: आयकर विभाग की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम ने निबंधन कार्यालय से प्रति वर्ष भेजी गई रजिस्ट्री के रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि गोरखपुर के महानगर क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2025 में बहुत सारी रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज किए गए हैं। ऐसी कुल 75 रजिस्ट्री की सूची तैयार की गई जिसमें डेढ़ करोड़ से छह करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई है।

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The Income Tax Department took the details of 75 big registrations done in Gorakhpur Registry Office
जांच करती आयकर की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Gorakhpur IT Survey: जमीनों की रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज कराते हुए लेन-देन छिपाकर आयकर की चोरी में शहर के 25 से ज्यादा रईस आयकर विभाग के रडार पर आ गए हैं। तीन साल में ज्यादा निवेश वाले टॉप 75 रजिस्ट्री में आयकर चोरी की आशंका है।  जांच करने आई आयकर विभाग की संयुक्त टीम ने इन सभी रजिस्ट्री के मूल दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। इसके अलावा कुल 54 हजार रजिस्ट्री का ब्योरा भी पैन ड्राइव में टीम साथ ले गई।
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सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की क्राइम इन्वेस्टिगेशन टीम ने निबंधन कार्यालय से प्रति वर्ष भेजी गई रजिस्ट्री के रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि गोरखपुर के महानगर क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2025 में बहुत सारी रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज किए गए हैं। ऐसी कुल 75 रजिस्ट्री की सूची तैयार की गई जिसमें डेढ़ करोड़ से छह करोड़ रुपये की जमीन खरीदी गई है।
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खरीदने वालों में कुछ बड़ी फर्में भी शामिल हैं जिनका पैन नंबर पहले से आयकर विभाग के पास मौजूद था। मिलान करने पर पाया गया कि इन्होंने जालसाजी की है। इसके बाद खातों की जांच कराई गई तो रजिस्ट्री में दिखाई गई रकम और बैंक के डिटेल में अंतर पाया गया। अब ये फर्में आयकर विभाग के रडार पर आ गई हैं।

इन फर्मों की अलग से सूची बनाई गई है। इसके अलावा लखनऊ में रहने वाले गोरखपुर के कुछ रईसों ने भी जमीनों की खरीद कर निवेश किए हैं। इनके भी रिकॉर्ड खंगाले गए हैं। प्रारंभिक जांच में आयकर टीम को गड़बड़ी मिली है। इसके बाद सभी के मूल दस्तावेज टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

अब टीम रजिस्ट्री के माध्यम से निवेश की गई रकम और निवेशक के बैंक खातों का डिटेल खंगालेगी ताकि पता चल सके कि कितनी रकम कम दिखाई गई। इसके बाद इन फर्माें और निवेश करने वालों को नोटिस जारी किया जाएगा।
 

The Income Tax Department took the details of 75 big registrations done in Gorakhpur Registry Office
कार्यालय में जांच करती आईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ और दिल्ली की फर्में भी कर रहीं निवेश
शहर के बाहर हिस्सों यानी महराजगंज, वाराणसी और देवरिया रूट पर लखनऊ और दिल्ली की फर्में भी निवेश कर रही हैं। कुछ कॉलोनियां विकसित करने की योजना भी है। सूत्रों की मानें तो इन फर्मों के भी दस्तावेज खंगाले गए हैं। जांच की भनक लगते ही कुछ फर्मों की रजिस्ट्री कराने वाले अधिवक्ता भी निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाते देखे गए।
 
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54 हजार रजिस्ट्री की भी होगी जांच
रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज कराने का मामला सामने आने पर अब आयकर विभाग ने बीते तीन साल में महानगर क्षेत्र में हुई 54 हजार रजिस्ट्री की जांच कराने का निर्णय लिया है। निबंधन कार्यालय में टीम ने कुछ दस्तावेजों की रैंडम जांच कराई जिसमें पैन कार्ड नंबर फर्जी पाए गए।

इसके बाद सभी 54 हजार रजिस्ट्री का एक्सेल डेट पैन ड्राइव में एकत्र कराया और उसे साथ ले गई। सूत्रों की मानें तो रजिस्ट्री के रिकॉर्ड से क्रेता और विक्रेता से टीम संपर्क कर सकती है।

जांच का आदेश मिलते ही दूसरे दिन पहुंच गई टीम
जमीन की रजिस्ट्री में गलत पैन नंबर दर्ज कराकर आयकर चोरी की आशंका को देखते हुए संयुक्त आयकर निदेशक सोनल सिंह ने चार अगस्त को जांच के आदेश दिए हैं। एक पत्र निबंधन कार्यालय को भी दिया गया है। जांच में गोरखपुर और वाराणसी के दो अधिकारी लीड कर रहे हैं। टीम में गौरव प्रकाश, रतनसेन सिंह, गणेश लाल, अमित गुप्ता, अतुल सिंह शामिल रहे।

10 घंटे तक टीम ने खंगाले रिकॉर्ड
आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को कुल 10 घंटे तक रजिस्ट्री के रिकॉर्ड खंगाले। पहले टीम एआईजी स्टांप के पास गई लेकिन शहर के बाहर होने के चलते फिर उप निबंधक रजत कुमार से जानकारी हासिल की और बड़े निवेश वाली 75 रजिस्ट्री के दस्तावेज मंगाए। सभी की पड़ताल की गई। सूत्रों की मानें तो इस दौरान टीम को कई रजिस्ट्री में गड़बड़ी मिली है। अब आगे जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

 
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