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Gorakhpur News: 86 लाख के फर्जी बैनामे में पांच पर प्राथमिकी दर्ज

Fri, 24 Jul 2026 02:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:32 AM IST
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The incident concerns a house in Khunipur, within the Kotwali police station area.
गोरखपुर। कोतवाली क्षेत्र के खूनीपुर स्थित मकान के कथित फर्जी बैनामे के मामले में पुलिस ने सैय्यद फिरोज आलम की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में विक्रेता, दो खरीदार और बैनामे के दो गवाहों को नामजद किया गया है।
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तहरीर के अनुसार, सैय्यद फिरोज आलम ने वर्ष 1976 में समीम बेगम पत्नी मुर्तजा हुसैन से मकान संख्या-84 का बैनामा कराया था। उनका दावा है कि तभी से वह करीब 9900 वर्गफीट हिस्से पर काबिज हैं। पहले नगर निगम के अभिलेखों में संपत्ति समीम बेगम के नाम दर्ज थी। बाद में बैनामे के आधार पर पांच जनवरी 2015 को उनका नाम दर्ज हो गया। संपत्ति से जुड़े सभी मूल अभिलेख और दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, 17 जून 2026 को उन्हें जानकारी मिली कि उसी संपत्ति का नादिर हुसैन ने 86 लाख रुपये में विनोद कुमार गुप्ता और विजय शर्मा के पक्ष में बैनामा कर दिया। आरोप है कि नादिर ने खुद को समीम बेगम का वारिस बताते हुए दस्तावेज तैयार कराए, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि समीम बेगम और नादिर का उक्त संपत्ति से कोई संबंध नहीं रहा। पुलिस ने इस मामले में नादिर हुसैन, विनोद कुमार गुप्ता, विजय शर्मा, मोहित गुप्ता और मोहसिन अब्दुल्लाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मोहित गुप्ता और मोहसिन अब्दुल्लाह पर बैनामे के गवाह होने का आरोप है।
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सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना एसआई शिवराज सिंह को सौंपी गई है। राजस्व और नगर निगम के अभिलेखों सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी। संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पंजीकरण प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
मामला दर्ज होने के बाद पंजीकरण प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब संपत्ति का स्वामित्व रिकॉर्ड पहले से उनके नाम दर्ज था, तब दोबारा बैनामा किन दस्तावेजों और आधारों पर पंजीकृत किया गया। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया और उससे जुड़े अभिलेखों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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