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Gorakhpur News: गैंग में 60 से अधिक गुर्गे, 14 से 55 साल तक की उम्र वाले पुरुष और महिलाएं शामिल
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मोनी गैंग : जनवरी में रामगढ़ताल थाना व कैंट पुलिस ने गिरोह के 41 गुर्गों को पकड़ा था, 36 महिलाएं थीं शामिल
गोरखपुर। जिले में नकली सांप और छिपकली फेंककर महिलाओं से जेवर उड़ाने वाले मोनी गैंग का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार, गैंग यूपी के कई जिलों में सक्रिय है और इसमें 60 से अधिक गुर्गे शामिल हैं। इन सदस्यों में 14 साल के किशोर से लेकर 55 साल तक के आरोपी हैं। अधिकांश गुर्गे पहले भी जेल जा चुके हैं।
एसपी नार्थ ने बताया कि मोनी गैंग की वारदातें बेहद संगठित तरीके से होती हैं। गैंग के गुर्गे पहले इलाके का सर्वे करते हैं और फिर अचानक महिलाओं के सामने नकली सांप या छिपकली फेंककर उन्हें डराते हैं। डर महिलाओं का ध्यान भटक जाता है और आरोपी उनके जेवर उड़ाकर भाग जाते हैं। इसका पर्दाफाश पुलिस की गिरफ्त में आए गैंग के सरगना पिंटू और उसकी पत्नी मंजू ने किया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जनवरी माह में रामगढ़ताल थाना और कैंट पुलिस ने उनके गिरोह के 41 गुर्गों को पकड़ा था। इसमें 36 महिलाएं भी शामिल थीं। गैंग के कई गुर्गे पहले भी लूट और चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं, लेकिन रिहाई के बाद उन्होंने दोबारा अपराध की राह पकड़ ली। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली सांप, छिपकली और चुराए गए जेवर बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग के कई अन्य सक्रिय गुर्गे अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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उम्र के हिसाब से तय है जिम्मेदारी
गैंग के सक्रिय गुर्गे अलग-अलग उम्र के हैं। 14-20 साल के आरोपी वारदात को अंजाम देने में सक्रिय हैं, जबकि 25-40 साल के पुरुष और महिलाएं साजिश में शामिल होते हैं। 45-55 साल के आरोपी भी वारदात में सहयोग करते हैं और भागने वाले रास्ते तैयार करते हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग का संगठन बेहद जालसाजी और संगठित अपराध में माहिर हैं। इनका कुनबा मऊ, जौनपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बलिया, देवरिया, अंबेडकरनगर तक फैला हुआ है। यह पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर वारदात को अंजाम देते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं गैंग के गुर्गे
इससे पहले जिले में नकली सांप और छिपकली फेंककर महिलाओं से जेवर उड़ाने की कई घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। मोनी गैंग की सक्रियता और इसका विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए खतरे की घंटी खोल दी है। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों की आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। इसके बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
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गोरखपुर। जिले में नकली सांप और छिपकली फेंककर महिलाओं से जेवर उड़ाने वाले मोनी गैंग का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार, गैंग यूपी के कई जिलों में सक्रिय है और इसमें 60 से अधिक गुर्गे शामिल हैं। इन सदस्यों में 14 साल के किशोर से लेकर 55 साल तक के आरोपी हैं। अधिकांश गुर्गे पहले भी जेल जा चुके हैं।
एसपी नार्थ ने बताया कि मोनी गैंग की वारदातें बेहद संगठित तरीके से होती हैं। गैंग के गुर्गे पहले इलाके का सर्वे करते हैं और फिर अचानक महिलाओं के सामने नकली सांप या छिपकली फेंककर उन्हें डराते हैं। डर महिलाओं का ध्यान भटक जाता है और आरोपी उनके जेवर उड़ाकर भाग जाते हैं। इसका पर्दाफाश पुलिस की गिरफ्त में आए गैंग के सरगना पिंटू और उसकी पत्नी मंजू ने किया।
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आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जनवरी माह में रामगढ़ताल थाना और कैंट पुलिस ने उनके गिरोह के 41 गुर्गों को पकड़ा था। इसमें 36 महिलाएं भी शामिल थीं। गैंग के कई गुर्गे पहले भी लूट और चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं, लेकिन रिहाई के बाद उन्होंने दोबारा अपराध की राह पकड़ ली। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकली सांप, छिपकली और चुराए गए जेवर बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग के कई अन्य सक्रिय गुर्गे अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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उम्र के हिसाब से तय है जिम्मेदारी
गैंग के सक्रिय गुर्गे अलग-अलग उम्र के हैं। 14-20 साल के आरोपी वारदात को अंजाम देने में सक्रिय हैं, जबकि 25-40 साल के पुरुष और महिलाएं साजिश में शामिल होते हैं। 45-55 साल के आरोपी भी वारदात में सहयोग करते हैं और भागने वाले रास्ते तैयार करते हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग का संगठन बेहद जालसाजी और संगठित अपराध में माहिर हैं। इनका कुनबा मऊ, जौनपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, बलिया, देवरिया, अंबेडकरनगर तक फैला हुआ है। यह पूरे प्रदेश में घूम-घूम कर वारदात को अंजाम देते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं गैंग के गुर्गे
इससे पहले जिले में नकली सांप और छिपकली फेंककर महिलाओं से जेवर उड़ाने की कई घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी थी। मोनी गैंग की सक्रियता और इसका विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में अपराधियों के लिए खतरे की घंटी खोल दी है। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों की आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। इसके बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।