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Gorakhpur News: पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं रखेंगी वट सावित्री व्रत
Thu, 07 May 2026 02:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 07 May 2026 02:15 AM IST
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16 मई को मनेगा पर्व, वट वृक्ष की होगी पूजा-अर्चना
गोरखपुर। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं 16 मई को वट सावित्री व्रत रखेंगी। यह व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। इसमें वट वृक्ष (बरगद) की विशेष पूजा-अर्चना होगी। यहां महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन वट वृक्ष की पूजा कर उसके चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है। बताया जाता है कि यह व्रत मां सावित्री की ओर से अपने पति सत्यवान को पुनर्जीवित करने की स्मृति में रखा गया था।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि वट वृक्ष को देववृक्ष माना गया है, जिसमें जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं-पत्तों में भगवान शिव का वास माना जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं विधि-विधान से पूजा कर परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
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गोरखपुर। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सुहागिन महिलाएं 16 मई को वट सावित्री व्रत रखेंगी। यह व्रत ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। इसमें वट वृक्ष (बरगद) की विशेष पूजा-अर्चना होगी। यहां महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन वट वृक्ष की पूजा कर उसके चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की जाती है और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है। बताया जाता है कि यह व्रत मां सावित्री की ओर से अपने पति सत्यवान को पुनर्जीवित करने की स्मृति में रखा गया था।
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गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि वट वृक्ष को देववृक्ष माना गया है, जिसमें जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं-पत्तों में भगवान शिव का वास माना जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं विधि-विधान से पूजा कर परिवार की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
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