{"_id":"6948420c528052308903d494","slug":"the-fake-ias-officer-is-still-showing-off-his-authority-in-jail-telling-the-inmates-ill-get-bail-for-everyone-gorakhpur-news-c-7-gkp1006-1172357-2025-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: जेल में भी भौकाल जमा रहा फर्जी आईएएस...बंदियों से कहता है-सबकी बेल कराऊंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: जेल में भी भौकाल जमा रहा फर्जी आईएएस...बंदियों से कहता है-सबकी बेल कराऊंगा
विज्ञापन
फर्जी आईएएस गौरव कुमार सिंह
विज्ञापन
सरकारी विभागों में ठेका दिलाने का झांसा देकर ठगी के आरोपी ललित किशोर को बंदी बुलाते हैं ''''420''''
भौकाल जमाने के लिए डायरी में बंदियों का केस नंबर और नाम नोट करता है फर्जी आईएएस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। सरकारी विभागों में ठेका दिलाने का झांसा देकर ठगी के आरोपी फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह के जेल में भी नए कारनामे सामने आ रहे हैं। जेल में बंदियों पर भौकाल जमाने के लिए वह झूठी कहानियां सुना रहा है। वह बंदियों से कहता है कि फर्जीवाड़े के शक में उसे पकड़ा गया है। बहुत जल्द वह बाहर चला जाएगा। बाहर जाकर वह सभी बंदियों की बेल करा देगा। वह बंदियों पर भौकाल जमाने के लिए उनके केस के बारे में पूछता है। फिर एक डायरी में उनका नाम और केस नंबर नोट करता है।
गुलरिहा थाने की पुलिस ने 10 दिसंबर को फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। ललित किशोर को जेल के मिलेनियम बैरक में रखा गया है।
विज्ञापन
जेल सूत्रों के अनुसार, ललित बंदियों से कहता है-घबराओ मत, छूटकर बाहर जाऊंगा तो पैरवी कर तुम लोगों की भी बेल कराऊंगा। यह सब बाेलकर जेल के अंदर भी उसने कई बंदियों को चेला बना लिया है। उनसे अपने सारे काम करवाता है। कई बंदी उसकी चाल को समझ भी चुके हैं और वे उसे ''''420'''' कहकर बुलाते हैं।
विज्ञापन
जेलर अरुण कुमार ने बताया कि सभी नए बंदियों को शुरू में निगरानी के लिए क्वारंटीन यानी मिलेनियम बैरक में रखा जाता है। इसके बाद अल्फाबेट से अलग बैरक में भेज दिया जाता है। ललित किशोर को मिलेनियम बैरक में रखा गया है। उसकी निगरानी की जा रही है।
यह है मामला
सात नवंबर 2025 को रेलवे स्टेशन पर बिहार निवासी ठेकेदार माधव मुकुंद 99.9 लाख रुपये के साथ पकड़े गए थे। जीआरपी ने रकम का हिसाब न दे पाने के कारण 99.9 लाख रुपये जब्त कर लिए थे। ठेकेदार ने बताया कि ठेका दिलाने की एवज में ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह को देने के लिए ये रुपये लाए थे। ललित खुद को आईएएस बताता था। जब उसकी जालसाजी के बारे में पता चला तो रुपये लेकर वापस जा रहे थे। बाद में पुलिस ने फर्जी आईएएस को गिरफ्तार कर लिया। उसके पकड़े जाने के बाद गुलरिहा थाने में पांच शिकायतकर्ता आ चुके हैं। उनका कहना है कि गोरखपुर में अच्छी जमीन दिलाने के नाम पर वह कई लोगों से लाखों रुपये ले चुका है।