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Gorakhpur News: दंपती ने स्टेशन के सामने छोड़ दिया बच्चा, 96 घंटे बाद मिला तो लिपटकर रोई मां
Thu, 15 Aug 2024 10:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2024 10:13 AM IST
सार
पति के शराब पीने की आदत को लेकर दंपती में इस कदर झगड़ा हुआ कि वे अपने 11 माह के बेटे को रेलवे स्टेशन के सामने छोड़कर चले गए। दो घंटे तक बच्चा सड़क पर रोता रहा। लोगों की नजर भी पड़ी, लेकिन किसी ने भी उसे चुप कराने का प्रयास नहीं किया। रोते-बिलखते बच्चे पर पुलिस की नजर गई। पुलिस ने इधर-उधर पूछताछ की, लेकिन बच्चे को कोई जानने-पहचानने वाला नहीं मिला। इसके बाद चाइल्ड लाइन को बुलाकर बच्चे को सौंप दिया।
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रेलवे स्टेशन से गायब बच्चे को चार दिन बाद पाने पर लिपटकर रोई मां।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पति के शराब पीने की आदत को लेकर दंपती में इस कदर झगड़ा हुआ कि वे अपने 11 माह के बेटे को रेलवे स्टेशन के सामने छोड़कर चले गए। दो घंटे तक बच्चा सड़क पर रोता रहा। लोगों की नजर भी पड़ी, लेकिन किसी ने भी उसे चुप कराने का प्रयास नहीं किया। रोते-बिलखते बच्चे पर पुलिस की नजर गई। पुलिस ने इधर-उधर पूछताछ की, लेकिन बच्चे को कोई जानने-पहचानने वाला नहीं मिला। इसके बाद चाइल्ड लाइन को बुलाकर बच्चे को सौंप दिया।
चाइल्ड लाइन ने बच्चे को एशियन सहयोगी संस्था इंडिया में भिजवा दिया। उधर, गुस्सा शांत होने पर 10 अगस्त से लापता बच्चे को खोजते हुए चार दिन बाद बुधवार को माता-पिता संस्था में पहुंचे। वहां बच्चे को पाकर मां उससे लिपटकर खूब रोई, वहीं बच्चा मम्मी-पापा को पाकर खिलखिलाने लगा।
जटेपुर उत्तरी निवासी विशाल गुप्ता रेलवे स्टेशन पर चाट की दुकान लगाता है। उसका पत्नी पूजा गुप्ता से शराब पीने को लेकर आए दिन झगड़ा होता है। 10 अगस्त को रेलवे स्टेशन के पास शाम चार बजे दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। नाराज होकर पूजा ने बेटे विवान (11) को सड़क के किनारे लिटाकर छोड़ दिया। वहीं उसका पति विशाल शराब पीने की वजह से होश में नहीं था। वह भी बच्चे को ले जाना भूल गया।
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पुलिस और चाइल्डलाइन की मदद से विवान को एशियन सहयोगी संस्था में रखवाया गया। वहां पहले दिन रातभर वह रोता रहा। वहां मौजूद महिला कर्मचारियों ने उसे दूध पिलाने का भी प्रयास किया, लेकिन बच्चा चुप होने का नाम नहीं ले रहा था। किसी तरह बच्चे को चुप कराया गया। इधर गुस्सा शांत होने पर पति-पत्नी ने बच्चे को खोजना शुरू किया। डर की वजह से वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे।
साहस जुटाकर बुधवार को पुलिस से संपर्क किया तब बच्चे का पता चला और मां-बाप जेल रोड स्थित संस्था के कार्यालय पर पहुंचे। संस्था के कार्यकर्ताओं ने पहले चार घंटे तक मां-बाप के कागजात की जांच कराई। जब दोनों के मां बाप होने की पुष्टि हो गई, तब उन्हें बच्चा सौंपा। इस दौरान संस्था की उषा दास ने परिजनों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर सप्ताह बच्चे की रिपोर्ट उन्हें देनी होगी, नहीं दिया तो उनके घर टीम पहुंचेगी।
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चाइल्ड लाइन ने बच्चे को एशियन सहयोगी संस्था इंडिया में भिजवा दिया। उधर, गुस्सा शांत होने पर 10 अगस्त से लापता बच्चे को खोजते हुए चार दिन बाद बुधवार को माता-पिता संस्था में पहुंचे। वहां बच्चे को पाकर मां उससे लिपटकर खूब रोई, वहीं बच्चा मम्मी-पापा को पाकर खिलखिलाने लगा।
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जटेपुर उत्तरी निवासी विशाल गुप्ता रेलवे स्टेशन पर चाट की दुकान लगाता है। उसका पत्नी पूजा गुप्ता से शराब पीने को लेकर आए दिन झगड़ा होता है। 10 अगस्त को रेलवे स्टेशन के पास शाम चार बजे दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। नाराज होकर पूजा ने बेटे विवान (11) को सड़क के किनारे लिटाकर छोड़ दिया। वहीं उसका पति विशाल शराब पीने की वजह से होश में नहीं था। वह भी बच्चे को ले जाना भूल गया।
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पुलिस और चाइल्डलाइन की मदद से विवान को एशियन सहयोगी संस्था में रखवाया गया। वहां पहले दिन रातभर वह रोता रहा। वहां मौजूद महिला कर्मचारियों ने उसे दूध पिलाने का भी प्रयास किया, लेकिन बच्चा चुप होने का नाम नहीं ले रहा था। किसी तरह बच्चे को चुप कराया गया। इधर गुस्सा शांत होने पर पति-पत्नी ने बच्चे को खोजना शुरू किया। डर की वजह से वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे।
साहस जुटाकर बुधवार को पुलिस से संपर्क किया तब बच्चे का पता चला और मां-बाप जेल रोड स्थित संस्था के कार्यालय पर पहुंचे। संस्था के कार्यकर्ताओं ने पहले चार घंटे तक मां-बाप के कागजात की जांच कराई। जब दोनों के मां बाप होने की पुष्टि हो गई, तब उन्हें बच्चा सौंपा। इस दौरान संस्था की उषा दास ने परिजनों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर सप्ताह बच्चे की रिपोर्ट उन्हें देनी होगी, नहीं दिया तो उनके घर टीम पहुंचेगी।