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DDU-MMMUT के कुलपति का कार्यकाल हो रहा समाप्त: नए वीसी कौन! आवेदनों की प्रक्रिया पूरी, बनेगा पैनल
Wed, 05 Jul 2023 05:53 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 05 Jul 2023 05:53 PM IST
सार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में 24 जून को हुई कार्यपरिषद की बैठक में नए कुलपति के चयन के लिए सर्च एवं सेलेक्शन कमेटी के लिए एक सदस्य के नाम का चयन किया गया। कुलपति प्रो. राजेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में चयनित नाम को राजभवन भेज दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति का कार्यकाल अगले दो महीनों में समाप्त हो रहा है। दोनों विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के लिए प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों के प्रोफेसरों ने भी आवेदन किया है।
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गोविवि के लिए तकरीबन 200 और एमएमएमयूटी के वीसी के लिए करीब सवा सौ आवेदन आए हैं। 30 जून को आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो गई। अब चयन के लिए पैनल तैयार करने का काम चल रहा है। नए वीसी कौन होंगे, इसको लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कार्यकाल 5 सितंबर और एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय का कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो रहा है। कार्यकाल समाप्ति के तीन माह पहले ही राजभवन से नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। 30 जून आवेदन की अंतिम तिथि थी।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए तकरीबन 200 आवेदन आए हैं। इसमें प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के अलावा गोविवि के भी कई प्रोफेसर ने भी आवेदन किया है। इसके अलावा बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश आदि प्रदेशों से भी दावेदारी पेश की गई है। वहीं एमएमएमयूटी के वीसी के लिए सवा सौ से अधिक आवेदन आए हैं।
कार्यपरिषद से सर्च एवं सेलेक्शन कमेटी के लिए नाम का चयन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के कमेटी हॉल में 24 जून को हुई कार्यपरिषद की बैठक में नए कुलपति के चयन के लिए सर्च एवं सेलेक्शन कमेटी के लिए एक सदस्य के नाम का चयन किया गया। कुलपति प्रो. राजेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में चयनित नाम को राजभवन भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय का नाम कार्यपरिषद से राजभवन चयन कमेटी के लिए भेजा गया है।
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पांच सदस्यीय कमेटी करती है चयन
कुलपति के लिए आए आवेदन का चयन राजभवन में पांच सदस्यीय कमेटी करती है। इसमें से एक सदस्य संबंधित विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद से चयनित कर भेजा जाता है। वहीं एमएमएमयूटी में तीन सदस्यीय कमेटी आए आवेदनों का मानक की कसौटी पर परखने के बाद पांच नाम का चयन कर उसे राजभवन भेजेगी।
सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने भी पेश की है दावेदारी
गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों के ऐसे प्रोफेसर ने भी वीसी बनने के लिए दावेदारी पेश की है, जो सेवानिवृत्त हो गए हैं लेकिन अभी उनकी आयु मानक के अनुरूप है। राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए 65 वर्ष आयु निर्धारित है। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर विश्वविद्यालय के करीब आधा दर्जन सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने न केवल आवेदन किया है, बल्कि पद पाने के लिए लखनऊ की दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया है।
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पांच सदस्यीय कमेटी करती है चयन
कुलपति के लिए आए आवेदन का चयन राजभवन में पांच सदस्यीय कमेटी करती है। इसमें से एक सदस्य संबंधित विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद से चयनित कर भेजा जाता है। वहीं एमएमएमयूटी में तीन सदस्यीय कमेटी आए आवेदनों का मानक की कसौटी पर परखने के बाद पांच नाम का चयन कर उसे राजभवन भेजेगी।
सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने भी पेश की है दावेदारी
गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों के ऐसे प्रोफेसर ने भी वीसी बनने के लिए दावेदारी पेश की है, जो सेवानिवृत्त हो गए हैं लेकिन अभी उनकी आयु मानक के अनुरूप है। राज्यस्तरीय विश्वविद्यालय के कुलपति के लिए 65 वर्ष आयु निर्धारित है। सूत्रों की मानें तो गोरखपुर विश्वविद्यालय के करीब आधा दर्जन सेवानिवृत्त प्रोफेसरों ने न केवल आवेदन किया है, बल्कि पद पाने के लिए लखनऊ की दौड़ लगाना भी शुरू कर दिया है।