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आठ चिताओं पर एक साथ जलीं दस लाशें
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पनियहवा के नारायणी घाट पर अंतिम संस्कार में जटे लोग।
- फोटो : KUSHINAGAR
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आठ चिताओं पर एक साथ जलीं दस लाशें
पनियहवा में गंडक नदी के नारायणी घाट पर हुआ शवों का अंतिम संस्कार
दो बच्चियों के शवों को दफनाया गया, एक शव संबंधित के गांव भेजा गया
छितौनी/पिपरा बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में बुधवार रात कुएं में गिरने से मरने वाली बच्चियों, युवतियों और महिलाओं का नम आंखों से अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार की शाम तक कर दिया गया। इनमें दो बच्चियों के शव को पनियहवा में दफनाया गया। मौसी के घर आई एक लड़की के शव को उसके घर भेज दिया गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और खड्डा-पडरौना मार्ग जाम कर दिया।
पनियहवा में गंडक नदी के नारायणी घाट पर एक कतार में आठ चिताएं सजाई गई थीं। उनमें दो चिताओं में से एक पर देवरानी, जेठानी और दूसरी पर दो बहनों की चिता सजाई गई थी। जब उनके परिजनों ने चिताओं में आग लगाई तो लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कई लो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और फफककर रो पड़े। ढाई साल की परी और नौ साल की सुंदरी के शव को दफनाया गया। परिजन उनके शवों को कलेजे से लगाए विलाप कर रहे थे। अंतिम संस्कार में किसी ने अपनी बहन तो किसी ने पत्नी अथवा मां की चिता को मुखाग्नि दी।
नौरंगिया गांव के निवासी रमेश चौरसिया का इस हादसे में पूरा परिवार ही उजड़ गया। रमेश ने एक ही चिता पर पत्नी ममता देवी व भाभी शकुंतला देवी पत्नी भोला चौरसिया को मुखाग्नि दी। वहीं भांजी परी चौरसिया पुत्री अजय चौरसिया को मिट्टी देकर दफन किया।
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हरिलाल कुशवाहा के बड़े भाई महेश कुशवाहा का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया है। तब से उनके बच्चों का पालन-पोषण हरिलाल ही करते हैं। इस हादसे में उनकी 16 वर्षीय भतीजी राधिका की भी मौत हो गई। राधिका की चिता में आग लगाकर चाचा हरिलाल ने अंतिम विदाई दी। उजाला उर्फ मनु विश्वकर्मा पुत्री श्रवण व मीरा विश्वकर्मा पुत्री सुग्रीव विश्वकर्मा चचेरी बहनें थीं। उनकी चिता को श्रवण और सुग्रीव ने मुखाग्नि दी। इसी घाट पर 20 वर्षीय बिंद्रा यादव को उसके पिता मंगरू ने मुखाग्नि दी तो वहीं शशिकला चौरसिया को उसके पिता शंभू चौरसिया ने मुखाग्नि दी।
इनका भी एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
रामबड़ाई की दो बेटियां पूजा चौरसिया (18) और ज्योति चौरसिया (14) की भी इस हादसे में मौत हो गई थी। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ। उनके पिता रामबड़ाई ने मुखाग्नि दी।
इनसेट
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख
पिपरा बाजार (कुशीनगर)। कुआं हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री ने दुख जताया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। उधर, डीएम ने कहा कि यह घटना जांच का विषय है। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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पनियहवा में गंडक नदी के नारायणी घाट पर हुआ शवों का अंतिम संस्कार
दो बच्चियों के शवों को दफनाया गया, एक शव संबंधित के गांव भेजा गया
छितौनी/पिपरा बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के नौरंगिया गांव के स्कूल टोला में बुधवार रात कुएं में गिरने से मरने वाली बच्चियों, युवतियों और महिलाओं का नम आंखों से अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार की शाम तक कर दिया गया। इनमें दो बच्चियों के शव को पनियहवा में दफनाया गया। मौसी के घर आई एक लड़की के शव को उसके घर भेज दिया गया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और खड्डा-पडरौना मार्ग जाम कर दिया।
पनियहवा में गंडक नदी के नारायणी घाट पर एक कतार में आठ चिताएं सजाई गई थीं। उनमें दो चिताओं में से एक पर देवरानी, जेठानी और दूसरी पर दो बहनों की चिता सजाई गई थी। जब उनके परिजनों ने चिताओं में आग लगाई तो लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कई लो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए और फफककर रो पड़े। ढाई साल की परी और नौ साल की सुंदरी के शव को दफनाया गया। परिजन उनके शवों को कलेजे से लगाए विलाप कर रहे थे। अंतिम संस्कार में किसी ने अपनी बहन तो किसी ने पत्नी अथवा मां की चिता को मुखाग्नि दी।
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नौरंगिया गांव के निवासी रमेश चौरसिया का इस हादसे में पूरा परिवार ही उजड़ गया। रमेश ने एक ही चिता पर पत्नी ममता देवी व भाभी शकुंतला देवी पत्नी भोला चौरसिया को मुखाग्नि दी। वहीं भांजी परी चौरसिया पुत्री अजय चौरसिया को मिट्टी देकर दफन किया।
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हरिलाल कुशवाहा के बड़े भाई महेश कुशवाहा का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो गया है। तब से उनके बच्चों का पालन-पोषण हरिलाल ही करते हैं। इस हादसे में उनकी 16 वर्षीय भतीजी राधिका की भी मौत हो गई। राधिका की चिता में आग लगाकर चाचा हरिलाल ने अंतिम विदाई दी। उजाला उर्फ मनु विश्वकर्मा पुत्री श्रवण व मीरा विश्वकर्मा पुत्री सुग्रीव विश्वकर्मा चचेरी बहनें थीं। उनकी चिता को श्रवण और सुग्रीव ने मुखाग्नि दी। इसी घाट पर 20 वर्षीय बिंद्रा यादव को उसके पिता मंगरू ने मुखाग्नि दी तो वहीं शशिकला चौरसिया को उसके पिता शंभू चौरसिया ने मुखाग्नि दी।
इनका भी एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार
रामबड़ाई की दो बेटियां पूजा चौरसिया (18) और ज्योति चौरसिया (14) की भी इस हादसे में मौत हो गई थी। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ। उनके पिता रामबड़ाई ने मुखाग्नि दी।
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राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख
पिपरा बाजार (कुशीनगर)। कुआं हादसे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री ने दुख जताया है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। उधर, डीएम ने कहा कि यह घटना जांच का विषय है। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संवाद