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Gorakhpur News: स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेज के शिक्षक अब बन सकेंगे प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक

Mon, 01 Jan 2024 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Mon, 01 Jan 2024 01:03 AM IST
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Teachers of self-financed B.Ed colleges will now be able to become examiners in practical examinations.
- डीडीयू के शिक्षा शास्त्र की अध्यक्ष के प्रस्ताव को मिला अनुमोदन, कुलपति ने परीक्षक बनाने के प्रस्ताव को दी हरी झंडी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के बीएड शिक्षकों को नए साल का तोहफा मिला है। अब वे प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक बन सकेंगे। स्ववित्तपोषित बीएड महाविद्यालय के बीएड शिक्षकों को प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक बनाए जाने का प्रस्ताव गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. शोभा गौड़ ने कुलपति प्रो. पूनम टंडन को भेजा था। प्रस्ताव पर कुलपति ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 100 महाविद्यालयों में बीएड पाठ्यक्रम संचालित होता है। इनमें करीब 10 एडेड कॉलेज हैं जबकि शेष करीब 90 स्ववित्तपोषित कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई होती है। इन कॉलेजों में करीब 600 से अधिक बीएड के शिक्षक कार्यरत हैं। अब तक इनको प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक नहीं बनाया जाता है। इसकी मांग वह लंबे समय से कर रहे थे। परीक्षक बनाने संबंधी शिक्षा शास्त्र विभाग की अध्यक्ष एवं डीन प्रो. शोभा गौड़ के प्रस्ताव को कुलपति ने अनुमति देकर नए साल का तोहफा दिया है।
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कोट...
स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेज के शिक्षकों को प्रायोगिक परीक्षा में परीक्षक बनाने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की अध्यक्ष द्वारा दिया गया था। जिसको अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है।
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प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
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