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Exclusive: शिक्षक एमएलसी चुनाव में जीत के बाद बोले ध्रुव, 'शिक्षकों के हक के लिए होगा बड़ा आंदोलन'

Sat, 05 Dec 2020 01:58 PM IST
vivek shukla एहतेशाम उद्दीन अहमद, सिद्धार्थनगर।
एहतेशाम उद्दीन अहमद, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Dec 2020 01:58 PM IST
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Teacher MLC Dhruv Kumar Tripathi said will big movement for rights of teachers
जीत का जश्न मनाते ध्रुव कुमार त्रिपाठी व अन्य। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुने गए ध्रुव कुमार त्रिपाठी शिक्षा और शिक्षकों के उत्थान के लिए बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 'अमर उजाला' से खास बातचीत में विचार व्यक्त किए। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश-
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सवाल- तीसरे कार्यकाल में आपने क्या प्राथमिकताएं तय की हैं?
जवाब- मेरी प्राथमिकता में समान कार्य के लिए समान वेतन के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली शामिल है। इसके लिए बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। वर्तमान सरकार शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा नहीं दे रही है। इनके लिए निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
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सवाल- आप निर्दलीय चुनाव लड़े, जबकि चर्चा है कि सत्तापक्ष आपको टिकट देना चाहता था?
जवाब- शिक्षक विधान परिषद में गैर राजनीतिक दल के रूप में काम करते हैं। शिक्षक संगठन के अलावा हम सभी किसी भी राजनीतिक पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं। किसी पार्टी को हराना या नीचा दिखाना शिक्षकों की मंशा कभी नहीं रही। रहा सवाल सत्ता पक्ष से टिकट का प्रस्ताव दिए जाने का तो सभी पार्टियां जिताऊ प्रत्याशी तलाशती हैं। मुझसे भी भाजपा के लोगों ने संपर्क किया था लेकिन मैं सरस्वती के पावन मंदिरों का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता। चुनाव में सभी का सहयोग मिला उसके लिए सभी का आभारी रहूंगा।
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सवाल- आप बेसिक शिक्षामंत्री के गृह जनपद के रहने वाले हैं, शिक्षामंत्री से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
जवाब- सिद्धार्थनगर को आर्थिक व शैक्षिक रूप से पिछड़ा जिला माना जाता है। ऐसे में समाज का कौन जिम्मेदार व्यक्ति यह नहीं चाहेगा कि हमारे जिले के बच्चे गुणवत्तापूर्ण और अच्छी शिक्षा प्राप्त करें। शिक्षामंत्री से हमारी यही अपेक्षा है। संयोग से हमारे शिक्षामंत्री खुद भी शिक्षक हैं इसलिए उनसे अपेक्षा ज्यादा है। मुझे विश्वास है कि शिक्षामंत्री आमूल-चूल परिवर्तन करेंगे।

सवाल- भाजपा ने यहां से अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया, क्या ध्रुव की जीत पहले से तय मानी जा रही थी?
जवाब- सरकार ने निश्चित रूप से शिक्षकों की प्रतिबद्धता, संकल्पशीलता का पता लगाया होगा। बेसिक शिक्षामंत्री गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी थे। उन्होंने जिम्मेदारों के निर्देश पर अपने प्रत्याशी को लेकर सालभर प्रचार-प्रसार किया। अब वह प्रत्याशी ही नहीं खड़ा हुआ तो मैंने शिक्षामंत्री से समर्थन मांगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उन्होंने मुझे वोट दिया होगा।

सवाल- शिक्षकों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब- शिक्षकों से समाज को बड़ी अपेक्षाएं हैं। शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वह जनता के इस विश्वास को बरकरार रखें। शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को योग्य बनाएं।

सवाल- शिक्षक कमजोर कहां पड़ रहे हैं?
जवाब- शिक्षकों के सामने कई समस्याएं हैं। आज शिक्षक बेबस होता जा रहा है। उसे अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। 1987 में माध्यमिक शिक्षा अधिनियम में संशोधन किया गया था। प्रदेश के 23 हजार विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कोई सेवा शर्त और सुरक्षा नहीं है। वह समाज में दूसरे दर्जे के नागरिक से भी बदतर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। प्रदेश के निजी क्षेत्र में 50 लाख से अधिक शिक्षक हैं। उनके प्रति सरकार संवेदनशील नहीं है।
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