विश्व पृथ्वी दिवस: सूखे, गंदे अमृत सरोवर किनारे लेंगे सेल्फी तो कैसी आएगी फोटो
पिछले साल 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत तय हुआ था कि जिले के संसदीय क्षेत्र के 75-75 पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराकर स्वतंत्रता दिवस पर वहीं ध्वजारोहण होगा। अमृत सरोवर के सुंदरीकरण की रफ्तार ध्वजारोहण तक तो बरकरार रही मगर इसके बाद काम ने सुस्ती पकड़ ली।
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पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शासन ने नई पहल की है। इसके तहत 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। शहर और ग्रामीण अंचलों में सेल्फी विद अमृत सरोवर कार्यक्रम आयोजित होगा। इसकी फोटो, वीडियो, वाइस मैसेज, मैसेज को िट्वटर व अन्य सोशल मीडिया पर अपलोड कराया जाएगा।
हैशटैग के साथ उप मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी यह फोटो टैग की जाएगी। संगोष्ठियां भी होंगी। मगर जिले में तो ज्यादातर अमृत सरोवरों का हाल ही खराब है। कई सूखे पड़े हैं तो कई में नालियों का गंदा पानी गिर रहा है। कुछ में कीचड़ जमा है तो कुछ में जमी काई की मोटी परत और जलकुंभी इन सरोवरों की खूबसूरती का सच बयां कर रहे हैं।
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ऐसे में इन अमृत सरोवरों के किनारे ली गई फोटो कैसी आएगी, शुक्रवार को इसे लेकर मनरेगा और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी भी पशोपेश में थे। यही वजह है कि दिन भर की कसरत के बाद देर शाम तक कुछ ऐसे सरोवरों का चुनाव हुआ, जहां कार्यक्रम का आयोजन कराकर सच छिपाया जा सके।
पिछले साल 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत तय हुआ था कि जिले के संसदीय क्षेत्र के 75-75 पंचायतों में अमृत सरोवर का निर्माण कराकर स्वतंत्रता दिवस पर वहीं ध्वजारोहण होगा। अमृत सरोवर के सुंदरीकरण की रफ्तार ध्वजारोहण तक तो बरकरार रही मगर इसके बाद काम ने सुस्ती पकड़ ली। अभी तक सिर्फ 262 अमृत सरोवर ही बनकर तैयार हो सके, जबकि अगस्त 2023 तक सभी 1294 पंचायतों में निर्माण का लक्ष्य है। जिन सरोवरों का निर्माण कार्य पूरा बताया जा रहा है, धरातल पर उसकी भी तस्वीर बहुत खराब है। ज्यादातर सरोवर सूखे पड़े हैं तो कई में नाली का गंदा पानी गिर रहा है। कुछ में कूड़ा फेंका जाता है।
अमृत सरोवर के लिए नोडल बनाए गए मनरेगा विभाग का कहना है कि पिछले साल 2022 में जब योजना शुरू हुई तो जिले के दोनों संसदीय क्षेत्रों में 75-75 अमृत सरोवर बनाए जाने थे। बाद में तय हुआ कि सभी पंचायतों में सरोवर बनाए जाएंगे। इसमें नए तालाब के अलावा पुराने का जीर्णोद्धार भी शामिल है। अब तक 262 तालाब बन गए हैं। करीब 1100 पंचायतों में चयन का काम हो गया है। तय समय अगस्त 2023 तक सभी पंचायतों में तालाब का काम पूरा हो जाएगा।
मनरेगा उपायुक्त राजमणि वर्मा ने कहा कि कुछ सरोवर सूख गए हैं। कुछ में जागरूकता के अभाव में लोगों ने गंदगी भी फैला दी है। पूरी तरह से बनकर तैयार, कुछ अमृत सरोवरों का चयन किया गया है। वहीं पर कार्यक्रम कराए जाएंगे। कार्यक्रम का मकसद लोगों को पर्यावरण, जल संरक्षण आदि के प्रति जागरुक करना है। इस दौरान लोगों को अमृत सरोवरों की उपयोगिता भी बताई जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि इसे बचाना, सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सभी की है।