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Gorakhpur News: उमस और बढ़ती बिजली मांग में भी नहीं बढ़ी उपकेंद्रों की क्षमता
Tue, 08 Sep 2026 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:46 AM IST
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गोरखपुर। उमस भरी गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच बिजली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने की योजना तय समयसीमा के बाद भी अधूरी है। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत राप्तीनगर न्यू, पादरीबाजार, रानीपुर, पालिपा और पाली उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने का काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन अब तक किसी भी उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि का काम पूरा नहीं हो सका है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी इजाफा होता है। इससे उपकेंद्रों और फीडरों पर लोड बढ़ जाता है। क्षमता के मुकाबले अधिक भार पड़ने पर फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति पर पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए पांच उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम बिजनेस प्लान में शामिल किया गया था।
अधिकारियों की ओर से अगस्त में बारिश कम होने और उमस बढ़ने की संभावना को देखते हुए क्षमता वृद्धि का काम समय से पूरा कराने का दावा किया गया था। इसके लिए सिविल कार्य शुरू होने की भी बात कही गई थी। हालांकि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। अब सितंबर में भी उमस और बिजली की मांग के बीच इन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम अधूरा है।
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काेट:::
पांचों उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए काम चल रहा है। निर्धारित कार्यों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। - रणजीत चौधरी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत कार्य मंडल
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गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी इजाफा होता है। इससे उपकेंद्रों और फीडरों पर लोड बढ़ जाता है। क्षमता के मुकाबले अधिक भार पड़ने पर फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति पर पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए पांच उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम बिजनेस प्लान में शामिल किया गया था।
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अधिकारियों की ओर से अगस्त में बारिश कम होने और उमस बढ़ने की संभावना को देखते हुए क्षमता वृद्धि का काम समय से पूरा कराने का दावा किया गया था। इसके लिए सिविल कार्य शुरू होने की भी बात कही गई थी। हालांकि निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। अब सितंबर में भी उमस और बिजली की मांग के बीच इन उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि का काम अधूरा है।
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पांचों उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए काम चल रहा है। निर्धारित कार्यों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। - रणजीत चौधरी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत कार्य मंडल