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Gorakhpur News: दरोगा पर रिश्वत और मारपीट के आरोप, कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश
Wed, 05 Aug 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Wed, 05 Aug 2026 02:34 AM IST
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- बड़हलगंज थाने पर तैनात दरोगा पर लगे थे गंभीर आरोप
बड़हलगंज। बड़हलगंज कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी देने और रिश्वत मांगने के आरोपों के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बड़हलगंज पुलिस को निष्पक्ष विवेचना कर निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामला खड़ेसरी गांव निवासी बबलू सोनकर की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। बबलू का आरोप है कि 27 जनवरी 2026 को उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह ने उन्हें बड़हलगंज कोतवाली बुलाया। वहां पत्नी की शिकायत का हवाला देकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि रात में थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। वादी का यह भी कहना है कि बाद में उसके भाई से 50 हजार रुपये लेने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
घटना के बाद उसने एसएसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस की आख्या, उपलब्ध अभिलेखों और दोनों पक्षों के तर्कों का अवलोकन किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया जांच योग्य हैं। ऐसे में मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिक एवं निष्पक्ष विवेचना कराना आवश्यक है। एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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बड़हलगंज। बड़हलगंज कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक टिप्पणी, धमकी देने और रिश्वत मांगने के आरोपों के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बड़हलगंज पुलिस को निष्पक्ष विवेचना कर निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मामला खड़ेसरी गांव निवासी बबलू सोनकर की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। बबलू का आरोप है कि 27 जनवरी 2026 को उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह ने उन्हें बड़हलगंज कोतवाली बुलाया। वहां पत्नी की शिकायत का हवाला देकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि रात में थाने के भीतर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और गंभीर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। वादी का यह भी कहना है कि बाद में उसके भाई से 50 हजार रुपये लेने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
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घटना के बाद उसने एसएसपी समेत अन्य उच्चाधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस की आख्या, उपलब्ध अभिलेखों और दोनों पक्षों के तर्कों का अवलोकन किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया जांच योग्य हैं। ऐसे में मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिक एवं निष्पक्ष विवेचना कराना आवश्यक है। एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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