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Gorakhpur News: यूपी सरकार ने किया संपर्क, मणिपुर में फंसे छात्रों को निकलने की उम्मीदें बढ़ी
Tue, 09 May 2023 10:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2023 10:33 AM IST
सार
लखनऊ राहत आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि एनआईटी के अलावा ट्रिपल आईटी के करीब 100 छात्र इंफाल में फंसे हुए हैं। उनसे संपर्क किया गया है। सभी को एक से दाे दिनों के अंदर वहां से निकाल लिया जाएगा। छात्रों की पूरी सूची मिल गई है।
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एनआईटी हॉस्टल में खाना खाते छात्र।
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विस्तार
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (एनआईटी) इंफाल, मणिपुर में फंसे छात्रों से प्रदेश सरकार ने संपर्क किया है। शासन ने एनआईटी प्रशासन और छात्रों से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली है। साथ ही यूपी के फंसे छात्रों की पूरी सूची मांगी गई है। एनआईटी प्रशासन ने कुल 47 छात्रों की सूची उपलब्ध कराई है, यह छात्र एनआईटी कैंपस में मौजूदा समय में फंसे हुए हैं। शासन की तरफ छात्रों को भरोसा दिया गया है कि दो दिनों के भीतर सभी को वहां से निकाल लिया जाएगा। जिसके बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इनमें से कई ऐसे भी छात्र हैं, जिन्होंने खुद से फ्लाइट का टिकट करा लिया है।
एनआईटी कैंपस में फंसे कैंपियरगंज के गेरुई खुर्द गांव के रहने वाले बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र प्रदुम्न कुमार ने बताया कि सोमवार को अब स्थिति सामान्य हो रही है। यूपी सरकार की ओर से फोन आया था। सभी छात्रों की सूची मांगी गई, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। एक से दो दिनों में फिर से संपर्क करने के लिए कहा है। प्रदुम्न ने बताया कि बिहार सरकार ने अपने छात्रों को निकालने के लिए संपर्क किया है और वह उन्हें मंगलवार की सुबह लेकर जाएंगे। उनकी एक टीम भी कैंपस में सभी छात्रों के लिए खाना लेकर आई थी, जिसे खाकर भूख मिटी है। क्योंकि, सोमवार को हॉस्टल के मेस में खाना नहीं बना था।
सेना ने एयरपोर्ट तक छोड़ा, तब जाकर मिला सुकून
एनआईटी कैंपस में फंसे सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर के रामनगर निवासी बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आशीष दूबे ने बताया कि सोमवार की सुबह छह बजे सेना के जवान कैंपस में पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने छात्रों का इंतजार किया। नौ बजे सेना की टीम के साथ आठ छात्र इंफाल एयरपोर्ट के लिए निकले। सेना ने सभी छात्रों का पूरा सहयोग करते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचाया, जहां पर दो बजे की फ्लाइट थी। सभी लोग फ्लाइट से कोलकाता तक आ गए हैं। इसके बाद जाकर सुकून मिला है। कोलकाता से गोरखपुर के लिए ट्रेन से आऊंगा। बताया कि लखनऊ से फोन आया था, उन्हें बता दिया है कि मैं वहां से निकल गया हूं।
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एनआईटी कैंपस में फंसे कैंपियरगंज के गेरुई खुर्द गांव के रहने वाले बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र प्रदुम्न कुमार ने बताया कि सोमवार को अब स्थिति सामान्य हो रही है। यूपी सरकार की ओर से फोन आया था। सभी छात्रों की सूची मांगी गई, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। एक से दो दिनों में फिर से संपर्क करने के लिए कहा है। प्रदुम्न ने बताया कि बिहार सरकार ने अपने छात्रों को निकालने के लिए संपर्क किया है और वह उन्हें मंगलवार की सुबह लेकर जाएंगे। उनकी एक टीम भी कैंपस में सभी छात्रों के लिए खाना लेकर आई थी, जिसे खाकर भूख मिटी है। क्योंकि, सोमवार को हॉस्टल के मेस में खाना नहीं बना था।
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सेना ने एयरपोर्ट तक छोड़ा, तब जाकर मिला सुकून
एनआईटी कैंपस में फंसे सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर के रामनगर निवासी बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आशीष दूबे ने बताया कि सोमवार की सुबह छह बजे सेना के जवान कैंपस में पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने छात्रों का इंतजार किया। नौ बजे सेना की टीम के साथ आठ छात्र इंफाल एयरपोर्ट के लिए निकले। सेना ने सभी छात्रों का पूरा सहयोग करते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचाया, जहां पर दो बजे की फ्लाइट थी। सभी लोग फ्लाइट से कोलकाता तक आ गए हैं। इसके बाद जाकर सुकून मिला है। कोलकाता से गोरखपुर के लिए ट्रेन से आऊंगा। बताया कि लखनऊ से फोन आया था, उन्हें बता दिया है कि मैं वहां से निकल गया हूं।
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कल से मेस का खाना कर देंगे बंद
एनआईटी कैंपस में फंसे बस्ती के मुंडेरवा बाजार के रहने वाले बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र नीरज प्रताप ने बताया कि कैंपस में मंगलवार की सुबह केवल यूपी के छात्र रह जाएंगे। इसे देखते हुए वार्डेन ने यह निर्देश दे दिया है कि मंगलवार से हॉस्टल का मेस बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद से खाने की दिक्कतें शुरू हो जाएंगी। अगर मंगलवार और बुधवार तक हमें हॉस्टल से नहीं निकाला गया तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
क्योंकि, एनआईटी के बाहर स्थित सभी बाजार और दुकान पूरी तरह से बंद है। हर तरफ केवल सेना के जवान और स्थानीय पुलिस है। कैंपस से लोगों को निकालने तक नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में खाने की दिक्कतें हो सकती है। बताया कि लखनऊ से फोन आया था। उन्हें सभी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
फोन आने के बाद जगी है घर आने की आस
एनआईटी कैंपस में फंसे संतकबीरनगर साथा ब्लॉक के रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्र नीरज कुमार गुप्ता और बस्ती जिले के बभनान निवासी सौरभ जायसवाल ने बताया कि लखनऊ से किसी अधिकारी ने फोन किया था। फोन पर पूरी जानकारी मांगी गई है। 47 छात्रों की सूची एनआईटी प्रशासन ने शासन को उपलब्ध करा दी है। इसके बाद से एक उम्मीद जग गई है कि एक से दो दिनों के अंदर हम लोग घर पहुंच जाएंगे। क्योंकि, कैंपस में मंगलवार के बाद केवल उत्तर प्रदेश के छात्र ही रह जाएंगे। बताया कि सोमवार को मेस में खाना नहीं बना था। बिहार के छात्रों के लिए आए खाने से पेट भरा गया।
लखनऊ राहत आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि एनआईटी के अलावा ट्रिपल आईटी के करीब 100 छात्र इंफाल में फंसे हुए हैं। उनसे संपर्क किया गया है। सभी को एक से दाे दिनों के अंदर वहां से निकाल लिया जाएगा। छात्रों की पूरी सूची मिल गई है।
क्योंकि, एनआईटी के बाहर स्थित सभी बाजार और दुकान पूरी तरह से बंद है। हर तरफ केवल सेना के जवान और स्थानीय पुलिस है। कैंपस से लोगों को निकालने तक नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में खाने की दिक्कतें हो सकती है। बताया कि लखनऊ से फोन आया था। उन्हें सभी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
फोन आने के बाद जगी है घर आने की आस
एनआईटी कैंपस में फंसे संतकबीरनगर साथा ब्लॉक के रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्र नीरज कुमार गुप्ता और बस्ती जिले के बभनान निवासी सौरभ जायसवाल ने बताया कि लखनऊ से किसी अधिकारी ने फोन किया था। फोन पर पूरी जानकारी मांगी गई है। 47 छात्रों की सूची एनआईटी प्रशासन ने शासन को उपलब्ध करा दी है। इसके बाद से एक उम्मीद जग गई है कि एक से दो दिनों के अंदर हम लोग घर पहुंच जाएंगे। क्योंकि, कैंपस में मंगलवार के बाद केवल उत्तर प्रदेश के छात्र ही रह जाएंगे। बताया कि सोमवार को मेस में खाना नहीं बना था। बिहार के छात्रों के लिए आए खाने से पेट भरा गया।
लखनऊ राहत आयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि एनआईटी के अलावा ट्रिपल आईटी के करीब 100 छात्र इंफाल में फंसे हुए हैं। उनसे संपर्क किया गया है। सभी को एक से दाे दिनों के अंदर वहां से निकाल लिया जाएगा। छात्रों की पूरी सूची मिल गई है।