फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Student's research stuck between two professors in DDU

Gorakhpur News: डीडीयू में दो प्रोफेसरों के बीच में फंसा छात्रा का शोध

Mon, 13 May 2024 12:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2024 12:54 AM IST
विज्ञापन
Student's research stuck between two professors in DDU
- विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग में शोध छात्रा का सुपरवाइजर बदलने का मामला
विज्ञापन

- सुपरवाइजर और शोधार्थी को पता ही नहीं और दो साल पहले बदल गए सुपरवाइजर
- प्री सबमिशन जमा करने पहुंची शोधार्थी तब हुई सुपरवाइजर बदलने की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग में शोध कर रही छात्रा का सुपरवाइजर बदलने का मामला चर्चा में है। शोधार्थी जब प्री सबमिशन जमा करने पहुंची तब उसको दो साल पहले ही सुपरवाइजर बदले जाने की जानकारी हुई। वह यह जानकार हैरत में पड़ गई कि जिस सुपरवाइजर के निर्देशन में शोध कार्य कर रही थी, उनकी जगह कोई दूसरा उसका सुपरवाइजर है। इसके चलते छात्रा का शोध कार्य भी अधर में लटक गया है। मामले की जानकारी होने पर कुलपति ने कमेटी गठित कर मामले की जांच शुरू करा दी है।

छात्रा ने शोध के लिए पंजीकरण कराया तो उसके सुपरवाइजर प्रो. अनिल यादव बनाए गए। छात्रा शोध के मिले टॉपिक पर अपने सुपरवाइजर के निर्देशन में कार्य करती रही। वह थीसिस कार्य पूरा कर प्री सबमिशन जमा करने पहुंची तब उसे मालूम चला कि वर्ष 2022 में ही उसके सुपरवाइजर प्रो. अनिल यादव की जगह किसी और को बना दिया गया है। परेशान छात्रा ने प्रो. अनिल यादव से पूछा तो उन्होंने भी इससे अनभिज्ञता जताई। मामला रिसर्च सेल के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के संज्ञान में आया।
विज्ञापन

मामला कुलपति प्रो. पूनम टंडन तक पहुंचा तो उन्होंने जांच के लिए कमेटी का गठन किया। चर्चा है कि विभाग की एक महिला प्रोफेसर को इस छात्रा का सुपरवाइजर बना दिया गया। इस मामले में प्रो. अनिल यादव का कहना है कि सुपरवाइजर कैसे बदला यह रिसर्च सेल ही बता सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं विश्वविद्यालय रिसर्च सेल के निदेशक प्रो. दिनेश यादव का कहना है कि मिसिंग के चलते सुपरवाइजर चेंज हो गया था। सब कुछ साल्व हो गया है। इसको लेकर इंटरनल कमेटी का गठन किया गया है। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।

------
नियमावली का हुआ उल्लंघन
वर्ष 2022 में ही तत्कालीन विभागाध्यक्ष ने डीआरसी की बैठक कर सुपरवाइजर को बदल दिया था। हालांकि रिसर्च से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि सुपरवाइजर बदलने की प्रक्रिया आसान नहीं है। लेकिन इस मामले में परिनियमावली को दरकिनार कर सुपरवाइजर बदला गया है। जांच में कई खुलासे हो सकते हैं।
------
कोट...
शोधार्थी ने जिनके सुपरविजन में शोध कार्य किया है, उसके निर्देशन में ही प्री सबमिशन जमा होगी। सुपरवाइजर कैसे बदला, जांच में इसकी सच्चाई सामने आएगी।
प्रो. शांतनु रस्तोगी, कुलसचिव, डीडीयू
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed