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यौन उत्पीड़न प्रकरण: हद पार की तो अक्ल ठिकाने लगाने की ठान ली, अब सक्रिय हुआ DDU प्रशासन

Thu, 08 Feb 2024 11:14 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 08 Feb 2024 11:14 AM IST
सार

बीए की छात्रा ने आईसीसी को शिकायती पत्र देकर शिक्षक पर यौन और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि शिक्षक ने 21 दिसंबर की रात फोन कर अश्लील बातें की थीं, उस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी छात्रा के पास है।

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student facing bad intentions of teacher for two years
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गोरखपुर विश्वविद्यालय के रंगीनमिजाज प्रोफेसर का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि एक और शिक्षक पर छात्रा ने गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। छात्रा का कहना है कि आरोपी शिक्षक करीब दो साल से उस पर बदनीयती रख रहा था। गाहे-बगाहे मौका पाकर उसके साथ अश्लील हरकत करता था। पहले तो वह नजरअंदाज करती रही, लेकिन 21 दिसंबर की रात जब नशे में वह हद पार कर गया तो मान मर्यादा की झिझक तोड़कर उसकी अक्ल ठिकाने लगाने की ठान ली।

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छात्रा का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी वह डेढ़ माह से न्याय के लिए विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों के दफ्तर का चक्कर लगा रही थी। अब मामला खुलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच भी तेज हो गई है।
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पीड़िता ने विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी (आईसीसी) को आठ जनवरी को पत्र भेजकर शिकायत की। आईसीसी से शिकायत के बाद उसकी राह आसान होने के बजाय मुश्किलें और बढ़ती गईं। आरोपी शिक्षक को इसकी जानकारी हुई तो वह छात्रा को साधने के लिए तरह-तरह का दबाव बनाने लगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो दिन पहले आईसीसी ने इस मामले में बैठक की।
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बैठक में छात्रा की शिकायत पर चर्चा करते हुए उसका पहले बयान दर्ज करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद आरोपी शिक्षक का बयान दर्ज किया जाएगा। बुधवार को मामला तूल पकड़ने के बाद आईसीसी के दो सदस्य पीड़िता से मिले और उसको न्याय का भरोसा दिलाया।

 

रात में मोबाइल पर 29 मिनट करता रहा परेशान
छात्रा का आरोप है कि 21 दिसंबर की रात नशे में धुत आरोपी शिक्षक ने उसके मोबाइल पर कॉल किया। फोन उठाने पर वह करीब 29 मिनट बात करता रहा। लिहाज के चलते पहले छात्रा उसकी बात सुनती रही, लेकिन जब वह हद पार कर गया तो उसने काॅल डिस्कनेक्ट कर दी। इसके बाद भी आरोपी शिक्षक लगातार उसके मोबाइल पर 11 से 12 बार कॉल करता रहा। पीड़िता ने इस बात का उल्लेख अपनी शिकायत में भी की है।

पीड़िता लगाती रही चक्कर..जिम्मेदार टालते रहे
रात में शिक्षक द्वारा मोबाइल पर अश्लील बात करने के बाद दूसरे दिन छात्रा अपनी सहेली के साथ विभाग पहुंची तो आरोपी शिक्षक उसे मिलने के लिए कमरे में बुला लिया। कमरे में जाने पर सहेली के सामने भी छेड़खानी करने लगा। इसके बाद डरी-सहमी छात्रा भागकर कमरे से बाहर निकल गई। शिक्षक की हरकत से सहमी छात्रा वहां से वह सीधे घर पहुंची।

दूसरे दिन ही वह हिम्मत जुटाकर विश्वविद्यालय पहुंची और एक जिम्मेदार से मिलकर इसकी मौखिक शिकायत की। विश्वविद्यालय की जिम्मेदार कुर्सी पर बैठा व्यक्ति आरोपी शिक्षक पर कार्रवाई करने की बजाय छात्रा को ही समझाने में जुट गया। इसके दो दिन बाद छात्रा ने छात्र कल्याण अधिष्ठाता से मिलकर शिकायत की। वहां से भी कोई न्याय न मिलता देख उसने आठ जनवरी को आईसीसी को लिखित शिकायत की। वहां से भी न्याय नहीं मिला तो उसने राज्यपाल, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, राज्य महिला आयोग में शिकायत की।

 

यह है मामला
बीए की छात्रा ने आईसीसी को शिकायती पत्र देकर शिक्षक पर यौन और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि शिक्षक ने 21 दिसंबर की रात फोन कर अश्लील बातें की थीं, उस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी छात्रा के पास है। छात्रा ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह साक्ष्य देने के लिए तैयार है। छात्रा ने न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी भी दी है।

सुरक्षापूर्ण माहौल देना हमारी जिम्मेदारी: कुलपति
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा पूर्ण माहौल देना उनकी जिम्मेदारी है। छात्रा की शिकायत की जांच विश्वविद्यालय की इंटरनल कमेटी से कराई जा रही है। आईसीसी की जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी शिक्षक के खिलाफ पहले भी खराब फिडबैक मिल चुका है। इसके चलते उसको मिले एक जिम्मेदार पद से हटाया जा चुका है।

 

रंगीन मिजाज प्रोफेसर में आईसीसी जल्द सौंपेगी रिपोर्ट
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी पूर्व में जांच कर रही रंगीन मिजाज प्रोफेसर के मामले में भी अभी रिपोर्ट नहीं भेज पाई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने 90 दिन में जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा था। तभी से यह मामला लंबित पड़ा था। आईसीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो जल्द ही कमेटी रंगीनमिजाज प्रोफेसर की जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप देगी।

बता दें कि महिला आयोग की टीम 25 जुलाई 2023 को विश्वविद्यालय जांच करने पहुंची थी। आयोग ने आईसीसी को 30 दिन में प्रारंभिक व 90 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा था। लेकिन कमेटी अभी अंतिम जांच रिपोर्ट आयोग को नहीं भेज पाई है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि दो दिन में कमेटी इस मामले भी जांच रिपोर्ट सौंप देगी।

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