यूपी की पहली महिला मुख्यमंत्री ने यहां से लड़ा था चुनाव, ऐसे बन गई थीं प्रदेश की 'मुखिया'
उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी ने मेंहदावल विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। यहीं से चुनाव जीतने के बाद वह मुख्यमंत्री बनी थीं। जब भी स्वच्छ राजनीति की बात आती है तो यहां लोगों की जुबां पर सुचेता कृपलानी का नाम जरूर आता है।
पूर्व विधायक स्वर्गीय पंडित लालसा प्रसाद मिश्र के भतीजे जवाहर मिश्र बताते हैं कि तत्कालीन बस्ती जनपद के मेंहदावल विधान सभा सीट से वर्ष 1962 में सुचेता कृपलानी ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। यहीं से जीत कर वह विधानसभा में पहुंची तो उन्हें श्रम सामुदायिक विकास और उद्योग विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।
उस समय मुख्यमंत्री के रूप में चंद्रभान गुप्ता की ताजपोशी हुई और एक राजनीतिक घटनाक्रम में मुख्यमंत्री पद से चंद्रभान गुप्ता को त्याग पत्र देना पड़ा इसके बाद सुचेता कृपलानी को सीएम चुना गया था। यहां से चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राजनीतिक सफर में यह सिद्ध किया कि राजनीति व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व निभाने का मंच है, जिसका वह पालन सदैव करती रहीं।
1971 में सुचेता कृपलानी ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। राजनीति से संन्यास लेने के बाद वह अपने पति के साथ दिल्ली में ही रहने लगीं और अपनी समस्त चल अचल संपत्ति संसाधन लोक कल्याण समिति को दान कर दी थी।
यही नहीं उन्होंने अपनी आत्मकथा 'एन अनफिनिष्ट ऑटोबायोग्राफी' लिखी जो तीन भागों में प्रकाशित हुई। कहा जाता है कि सुचेता कृपलानी ने मेंहदावल विधान सभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए यूपी की प्रथम महिला मुख्यमंत्री तक का सफर पूरा किया था। 1974 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। लेकिन आज भी स्वच्छ राजनीति में सुचेता कृपलानी का नाम लिया जाता है।