Gorakhpur News: वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर चलाया पत्थर, शीशा चटका
गोरखपुर से लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस बीते अगस्त से चल रही है। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे रसौली स्टेशन पार करते ही एक यात्री ने कोच में ड्यूटी कर रहे आरपीएफ जवानों को बताया कि कोच संख्या सी-6 के सीट नंबर 40 के सामने की खिड़की पर पत्थर लगने से शीशा चटक गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर से लखनऊ जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर बृहस्पतिवार को रसौली व बाराबंकी स्टेशन के बीच किसी ने पथराव कर दिया। इससे चेयरकार कोच (सी-6) का शीशा चटक गया। अचानक हुई घटना से यात्री सकते में आ गए। इसकी सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी से अराजक तत्वों को तलाश कर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर से लखनऊ के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस बीते अगस्त से चल रही है। बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे रसौली स्टेशन पार करते ही एक यात्री ने कोच में ड्यूटी कर रहे आरपीएफ जवानों को बताया कि कोच संख्या सी-6 के सीट नंबर 40 के सामने की खिड़की पर पत्थर लगने से शीशा चटक गया है। आरपीएफ जवानों ने अगल-बगल के यात्रियों से पूछताछ की तो किसी के चोटिल या घायल होने की कोई जानकारी नहीं मिली, लेकिन कांच पर पत्थर लगने की बात कई यात्रियों ने बताई।
इसे भी पढ़ें: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, अब जान से मारने की दे रहा धमकी
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस पर इससे पहले भी तीन बार पत्थर चलाने की घटनाएं हो चुकी हैं। पहली घटना जुलाई में अयोध्या के पास हुई थी, जब इस ट्रेन की चपेट में आने से एक पशुपालक की बकरियां कट गई थीं। इसके बाद मल्हौर में पथराव के चलते ट्रेन का शीशा चटक गया था। सितंबर में गोरखपुर यार्ड से प्लेटफार्म पर आने के दौरान एक कुली ने पत्थर मार दिया था, जिससे एक खिड़की का शीशा चटक गया था।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी आज देंगे 175 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, खोराबार टाउनशिप की निकाली जाएगी ई लॉटरी
ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे से होगी पहचान
वंदे भारत ट्रेन में आगे व पीछे दो-दो उच्च गुणवत्ता कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ट्रेन और आसापास की गतिविधियां रिकॉर्ड होती रहती हैं। कैमरे का फोकस लाइन के अलावा दोनों तरफ किनारे पर भी है। ऐसे में अगर किसी ने रेल लाइन के करीब आकर पथराव का प्रयास किया होगा तो उसका चेहरा कैमरे की रिकार्डिंग में फीड होगा। इससे घटना की जांच में सुविधा होगी।