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फर्जी शिक्षक मामला: एसटीएफ ने शुरू की सरगना की तलाश, 15 लाख रुपये में दिलाते थे नौकरी
Wed, 23 Dec 2020 12:53 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 23 Dec 2020 12:53 PM IST
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- फोटो : pixabay
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फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर शिक्षक की नौकरी दिलाने वाले देवरिया के भाटपार रानी के रहने वाले सरगना राकेश सिंह व खुखूंदू के अश्वनी की सरगर्मी से तलाश चल रही है। एसटीएफ ने सोमवार को पकड़े गए फर्जी शिक्षक के साथ ही दोनों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एक साल पहले भी राकेश के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, देवरिया के भाटपाररानी थाना क्षेत्र के कुइचबर गांव का रहने वाला राकेश सिंह व खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरडीहा निवासी अश्विनी श्रीवास्तव गिरोह बनाकर लंबे समय से फर्जी अंक पत्र तैयार कर अध्यापक पद पर नियुक्ति कराते हैं। उनके रैकेट में शिक्षा विभाग के कई कर्मचारी भी शामिल हैं।
एसटीएफ को छानबीन में पता चला कि राकेश सिंह व अश्वनी सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति कराने के लिए 10 से 15 लाख रुपये लेते थे। एडवांस के तौर पर वह चार से पांच लाख रुपये लेते थे। सोमवार को पकड़े गए बृजकिशोर ने पांच लाख रुपये दिए थे। जिसके बाद उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर 2015 में सिद्धार्थनगर जिले में नियुक्ति करा दी। तब से बृजकिशोर नौकरी कर रहा था। एसटीएफ ने अब दोनों की तलाश में छापे मारने शुरू कर दिए हैं। उधर पकड़े गए शिक्षक बृजकिशोर को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर मंगलवार को जेल भिजवा दिया।
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जानकारी के मुताबिक, देवरिया के भाटपाररानी थाना क्षेत्र के कुइचबर गांव का रहने वाला राकेश सिंह व खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरडीहा निवासी अश्विनी श्रीवास्तव गिरोह बनाकर लंबे समय से फर्जी अंक पत्र तैयार कर अध्यापक पद पर नियुक्ति कराते हैं। उनके रैकेट में शिक्षा विभाग के कई कर्मचारी भी शामिल हैं।
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एसटीएफ को छानबीन में पता चला कि राकेश सिंह व अश्वनी सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति कराने के लिए 10 से 15 लाख रुपये लेते थे। एडवांस के तौर पर वह चार से पांच लाख रुपये लेते थे। सोमवार को पकड़े गए बृजकिशोर ने पांच लाख रुपये दिए थे। जिसके बाद उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर 2015 में सिद्धार्थनगर जिले में नियुक्ति करा दी। तब से बृजकिशोर नौकरी कर रहा था। एसटीएफ ने अब दोनों की तलाश में छापे मारने शुरू कर दिए हैं। उधर पकड़े गए शिक्षक बृजकिशोर को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर मंगलवार को जेल भिजवा दिया।
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