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दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सॉल्वर गैंग का खुलासा, 12 गिरफ्तार
Sun, 29 Nov 2020 09:41 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 29 Nov 2020 09:41 AM IST
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गिरफ्तार किए गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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दिल्ली पुलिस भर्ती के लिए आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने परीक्षा के बाद शुक्रवार रात दो सॉल्वर समेत गिरोह के 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक फरार हो गया है। जांच में पता चला है इटावा के पिंटू यादव और औरैया के अभिषेक यादव को सॉल्वर के तौर पर बुलाया गया था। गिरोह एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर चार से पांच लाख रुपये वसूला था और सॉल्वर को बीस हजार रुपये देता था। आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में केस दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के मुताबिक, महेंद्र गोरखपुर के नौसड़ स्थित स्वस्तिक ऑनलाइन सेंटर का कर्मचारी है। जानकारी मिली थी कि कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) मध्यक्षेत्र द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल (कार्यकारी) पुरुष और महिला भर्ती परीक्षा-2020 में साल्वरों के जरिए गड़बड़ी करने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह का सरगना महेंद्र सिंह है।
परीक्षा शुक्रवार और शनिवार को आयोजित की गई थी। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि यह भी जानकारी मिली थी कि जिले में सॉल्वर को बुलाया गया है। इन्हें ऑनलाइन सेंटर पर सेटिंग कर अभ्यर्थी की जगह बैठाकर परीक्षा दिलाई जाएगी। इसी जानकारी पर शुक्रवार रात सॉल्वर गैंग के गुर्गों को पैडलेगंज चौराहे से पकड़ लिया गया। मौका पाकर इनका एक साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। इन्होंने शुक्रवार की परीक्षा में गड़बड़ी कर दी थी, लेकिन शनिवार की परीक्षा से पहले ही धर लिए गए।
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एसटीएफ के मुताबिक, महेंद्र गोरखपुर के नौसड़ स्थित स्वस्तिक ऑनलाइन सेंटर का कर्मचारी है। जानकारी मिली थी कि कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) मध्यक्षेत्र द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल (कार्यकारी) पुरुष और महिला भर्ती परीक्षा-2020 में साल्वरों के जरिए गड़बड़ी करने वाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह का सरगना महेंद्र सिंह है।
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परीक्षा शुक्रवार और शनिवार को आयोजित की गई थी। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि यह भी जानकारी मिली थी कि जिले में सॉल्वर को बुलाया गया है। इन्हें ऑनलाइन सेंटर पर सेटिंग कर अभ्यर्थी की जगह बैठाकर परीक्षा दिलाई जाएगी। इसी जानकारी पर शुक्रवार रात सॉल्वर गैंग के गुर्गों को पैडलेगंज चौराहे से पकड़ लिया गया। मौका पाकर इनका एक साथी फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। इन्होंने शुक्रवार की परीक्षा में गड़बड़ी कर दी थी, लेकिन शनिवार की परीक्षा से पहले ही धर लिए गए।
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ये हैं पकड़े गए आरोपी
ये हैं पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार निवासी महेंद्र सिंह, धनंजय कुमार उर्फ विधायक, गुलरिया निवासी अशोक कुमार मौर्य, रामाशीष मिश्रा, प्रयागराज के दुदवा निवासी जय प्रकाश यादव, देवरिया के मइल निवासी अमित सिंह, खोराबार निवासी विजेंद्र यादव, सहजनवां निवासी विकाश सिंह, संतकबीरनगर निवासी महेंद्र प्रताप और कुशीनगर के अहरौली निवासी अरविंद सिंह के रूप में हुई है। जबकि पिंटू यादव और अभिषेक यादव को सॉल्वर के तौर पर पकड़ा गया है।
महेंद्र है सरगना
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि महेंद्र सिंह ही गिरोह का सरगना है। महेंद्र, अशोक कुमार मौर्या, जय प्रकाश, धनंजय कुमार उर्फ विधायक, विजेंद्र यादव, महेंद्र प्रताप यादव के साथ मिलकर गैंग चलाता था। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को चयनित कराने के बदले रुपये लेता था।
महेंद्र है सरगना
आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि महेंद्र सिंह ही गिरोह का सरगना है। महेंद्र, अशोक कुमार मौर्या, जय प्रकाश, धनंजय कुमार उर्फ विधायक, विजेंद्र यादव, महेंद्र प्रताप यादव के साथ मिलकर गैंग चलाता था। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को चयनित कराने के बदले रुपये लेता था।
ऐसे की गई साजिश
अभिषेक यादव और पिंटू यादव को सॉल्वर के तौर पर बुलाया गया था। साल्वरों को ई-परीक्षा टेक्निकल कैंपस जंगल धूसड़ निकट महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज ऑनलाइन सेंटर पहुंचना था। वहां के कर्मचारी जयप्रकाश से सॉल्वर की सेटिंग थी। पिंटू यादव को फोटो लगा तीन प्रवेश पत्र दिया गया, जो सन्नी सिंह, मुकुल यादव, शैलेंद्र तिवारी के नाम पर था। इन्हीं की जगह पिंटू यादव को आनलाइन सेंटर की विभिन्न पालियों में परीक्षा देनी थी।
वहीं, अभिषेक यादव का फोटो लगा हुआ इंद्रेश के नाम का प्रवेश पत्र मिला है। इसको इंद्रेश के नाम पर परीक्षा देनी थी। पिंटू और अभिषेक यादव ने बताया कि कानपुर में काकादेव कोचिंग में पढ़ने वाले धीरज और दिपांकर ने उनकी महेंद्र सिंह से बात कराई थी।
चार से पांच लाख में तय था सौदा, सॉल्वर को मिलते 20 हजार
पूछताछ में पता चला है कि एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर चार से पांच लाख में सौदा तय किया गया था। 50 हजार रुपये एक अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर लिया गया था। सॉल्वर को बीस हजार रुपये देने थे। बाकी की रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते।
वहीं, अभिषेक यादव का फोटो लगा हुआ इंद्रेश के नाम का प्रवेश पत्र मिला है। इसको इंद्रेश के नाम पर परीक्षा देनी थी। पिंटू और अभिषेक यादव ने बताया कि कानपुर में काकादेव कोचिंग में पढ़ने वाले धीरज और दिपांकर ने उनकी महेंद्र सिंह से बात कराई थी।
चार से पांच लाख में तय था सौदा, सॉल्वर को मिलते 20 हजार
पूछताछ में पता चला है कि एक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर चार से पांच लाख में सौदा तय किया गया था। 50 हजार रुपये एक अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर लिया गया था। सॉल्वर को बीस हजार रुपये देने थे। बाकी की रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते।