तीसरी लहर से बचने की तैयारी: आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट जल्दी देने, एम्स में 450 बेड का वार्ड सक्रिय करने का निर्देश
अपर मुख्य सचिव अरविंद ने मेडिकल कॉलेज और एम्स में व्यवस्था की जानकारी ली। अफसरों के साथ बैठक बोले- सरकार आपके साथ, हर जरूरत तत्काल की जाएगी पूरी।
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गोरखपुर जिले के नोडल अफसर और प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने बुधवार को एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण कर कोरोना की तीसरी लहर से लोगों को बचाने की तैयारियों को देखा। उन्होंने बीआरडी में आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट शीघ्र देने तथा एम्स में बन रहे 450 बेड के वार्ड का काम जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया। शाम को अफसरों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार पूरी तरह से आपके साथ है। इलाज के लिए जो भी जरूरी उपकरण व साजो सामान चाहिए, तुरंत मिलेगा।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अपर मुख्य सचिव व जिले के नोडल अफसर अरविंद कुमार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में जांच व इलाज की व्यवस्था की जानकारी लेने पहुंचे। दोपहर 12:30 बजे एम्स पहुंचे अपर मुख्य सचिव ने कार्यकारी निदेशक डा. सुरेखा किशोर, डीएम विजय किरन आनंद व सीएमओ डा. आशुतोष दुबे के साथ कोविड वार्ड का निरीक्षण किया।
ऑक्सीजन की आपूर्ति से लगायत दवा और स्टाफ की जानकारी ली। इसके बाद पूर्वी ब्लाक में बन रहे 450 बेड के वार्ड को देखा। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अफसरों को काम जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया। आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया।
बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में भी कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। माइक्रोबायोलाजी विभाग में आरटीपीसीआर जांच की जानकारी लेने के साथ ही रिपोर्ट को यथाशीघ्र देने के निर्देश दिया। हेल्प डेस्क पर मरीजों के आने, इलाज के लिए भेजने और परिजनों को इसकी जानकारी देने में संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया। प्राचार्य डा. गणेश कुमार ने कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया। इस पर उन्होंने प्रस्ताव मांगा।
कोविड कमांड सेंटर भी पहुंचे
शाम को इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे अपर मुख्य सचिव ने प्रभारी व उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनीता पटेल से जानकारी ली। सुनीता ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि द्वितीय डोज के गैप को पूर्ण करने के लिए प्रतिदिन दो से ढाई हजार लोगों को फोन किया जाता है। इस वक्त 1246 मरीज होम आइसोलेट हैं, मरीजों से वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान कराया जाता है। कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम ने बताया कि एक पाजिटिव व्यक्ति के संपर्क में 20 से 40 लोगों के आने की संभावना होती है। नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि संपर्क में आए सभी व्यक्तियों की सूचना संबंधित पोर्टल पर अपडेट की जाती है। संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उनकी सैंपलिंग कराते हैं। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि यहां दो दो घंटे की शिफ्ट में सभी अपर सीएमओ की ड्यूटी लगी है। सीएमओ इसकी निगरानी करते हैं। एडीएम फाइनेंस एवं एडीएम प्रशासन प्रतिदिन समीक्षा बैठक करते हैं। सीएमओ प्रतिदिन सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों की ऑनलाइन बैठक करते हैं। इस दौरान सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे , ईडीएम नीरज श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
टीकाकरण पर दिया जोर
निरीक्षण के बाद देर शाम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण पर जोर दिया गया। डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि टीकाकरण बढ़ाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पार्षदों तथा धर्म गुरुओं के साथ लगातार बैठक की गई है। सभी चिकित्साधिकारियों को टीकाकरण के कार्य की नियमित समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। टीकाकरण बढ़ाने के लिए निगरानी समितियों के माध्यम से क्षेत्र में तीन दिन पहले से प्रचार किया जाता है। जो लोग टीकाकरण से वंचित रह जा रहे हैं, उनकी सूची आशा एवं एएनएम से प्राप्त कर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से फोन करके बुलाया जाता है फिर टीका लगाया जाता है। अपर मुख्य सचिव को बताया गया कि जनपद के सभी 17 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील हैं।