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Gorakhpur News: आठ भवनों में नहीं मिला स्वीकृत नक्शा, फायर सिस्टम भी नदारद

Sun, 28 Jun 2026 02:23 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 02:23 AM IST
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Sprinkler not installed in one; notices issued to 90 so far.
- एक में नहीं लगा स्प्रिंकलर, अब तक 90 को नोटिस जारी
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गोरखपुर। शहर में बिना स्वीकृत मानचित्र और अग्नि सुरक्षा मानकों के कोचिंग संस्थान, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। शनिवार को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के निरीक्षण अभियान में अधिकांश भवनों में न तो स्वीकृत नक्शा मिला और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था। प्राधिकरण ने चार दिनों के अभियान में अब तक 90 भवन स्वामियों और संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर भवनों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के निर्देश पर शनिवार को जीडीए की टीम ने राप्तीनगर, खजांची चौराहा, विकास नगर, राजेंद्र नगर, मेडिकल कॉलेज के पीछे, बशारतपुर, नकहां, राजघाट, रानीडीहा, सिक्टौर, महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-एक और बिलंदपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में नौ भवनों का निरीक्षण किया। इनमें कोचिंग संस्थान, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे। जांच में केवल एक भवन का स्वीकृत मानचित्र होने की जानकारी मिली लेकिन निरीक्षण के दौरान उसे प्रस्तुत नहीं किया गया। शेष आठ भवनों में कोई भी स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, एक भवन में अग्निशमन यंत्र तो मिले लेकिन ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं था। बाकी आठ भवनों में अग्निशमन यंत्र भी स्थापित नहीं पाए गए।
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कमियों का निस्तारण न करने पर सील होंगे भवन
उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि 23 से 27 जून तक कुल 90 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित भवन स्वामियों और संचालकों को निर्धारित अवधि में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में जवाब या कमियों का निस्तारण नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भवन स्वामियों से मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वीकृत मानचित्र, फायर एनओसी और अन्य आवश्यक अभिलेख प्रदर्शित करने की अपील की गई है। अवैध निर्माण और भवन मानकों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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