{"_id":"608e60a38ebc3e8d927d4fee","slug":"special-story-of-smile-roti-bank-in-gorakhpur-during-lockdown-and-corona-pandemic","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्माइल रोटी बैंक: सांसे गिन रहे दीपक को दी जिंदगी की आस, ऐसे कराया अस्पताल में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्माइल रोटी बैंक: सांसे गिन रहे दीपक को दी जिंदगी की आस, ऐसे कराया अस्पताल में भर्ती
Sun, 02 May 2021 01:56 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 02 May 2021 01:56 PM IST
सार
सात दिन से भूखे कोरोना संक्रमित दीपक को भोजन, पानी व दवाएं दीं
विज्ञापन
संक्रमित के घर दवा पहुंचाती आजाद की टीम।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कोरोना संक्रमण के बीच लोगों को खाना-पानी, दवाएं आदि मुहैया कराने की बीड़ा उठाए स्माइल रोटी बैंक के आजाद पांडेय की टीम ने एक और मानवता की मिसाल पेश की है। आजाद ने राप्तीनगर के रेलविहार कालोनी में सात दिनों से भूखे कोरोना संक्रमित दीपक श्रीवास्तव के घर जाकर न सिर्फ भोजन व दवाएं दी है, बल्कि जीने की आस छोड़ चुके दीपक का सहारा भी बने । शनिवार देर शाम दीपक को अस्पताल में भर्ती भी करा दिया गया।
दरअसल, दीपक श्रीवास्तव घर में अकेले ही थे। उनके छोटे भाई रवि श्रीवास्तव भी कोरोना पॉजिटिव हैं और वे भी अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में है। पिता आरबी श्रीवास्तव का देहांत हो चुका है। आजाद पांडेय ने बताया कि शनिवार दोपहर, उनके पास एक फोन आया।
फोन करने वाले ने दीपक के घर का करीबी बताया और जानकारी दी कि राप्तीनगर से एक कोरोना पॉजिटिव आदमी ने पिछले सात दिन से कुछ खाया नहीं हैं। मैं खुद अपनी टीम के साथी विश्वजीत त्रिपाठी, अमर, दीपक के साथ पहुंचा। घर का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर गया तो दीपक बेड पर पड़े थे और उनमें इतनी ताकत नहीं थी कि वे उठकर पानी पी सकें। वे बार-बार मरने की बात कर रहे थे।
विज्ञापन
उनसे बात कर हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्हें दूध, खाना, फल इत्यादि दिया। दीपक ने जब अपनी तेरहवीं में आने को कहा तो मेरी आंखें भर आईं। फिर स्माइल टीम ने फटाफट व्यवस्था कराके मरीज को गोलघर स्थित शिवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उनके एक रिश्तेदार और मोहल्ले के एक व्यक्ति भी आ गए हैं और देेखभाल का वादा किया है।
आजाद पांडेय से संपर्क करें-9454641501
विज्ञापन
दरअसल, दीपक श्रीवास्तव घर में अकेले ही थे। उनके छोटे भाई रवि श्रीवास्तव भी कोरोना पॉजिटिव हैं और वे भी अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में है। पिता आरबी श्रीवास्तव का देहांत हो चुका है। आजाद पांडेय ने बताया कि शनिवार दोपहर, उनके पास एक फोन आया।
विज्ञापन
फोन करने वाले ने दीपक के घर का करीबी बताया और जानकारी दी कि राप्तीनगर से एक कोरोना पॉजिटिव आदमी ने पिछले सात दिन से कुछ खाया नहीं हैं। मैं खुद अपनी टीम के साथी विश्वजीत त्रिपाठी, अमर, दीपक के साथ पहुंचा। घर का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर गया तो दीपक बेड पर पड़े थे और उनमें इतनी ताकत नहीं थी कि वे उठकर पानी पी सकें। वे बार-बार मरने की बात कर रहे थे।
विज्ञापन
उनसे बात कर हौसला बढ़ाया। इसके बाद उन्हें दूध, खाना, फल इत्यादि दिया। दीपक ने जब अपनी तेरहवीं में आने को कहा तो मेरी आंखें भर आईं। फिर स्माइल टीम ने फटाफट व्यवस्था कराके मरीज को गोलघर स्थित शिवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उनके एक रिश्तेदार और मोहल्ले के एक व्यक्ति भी आ गए हैं और देेखभाल का वादा किया है।
आजाद पांडेय से संपर्क करें-9454641501