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इंटरनेशनल डॉटर्स डे: शाबाश बेटियों, हमें तुम पर नाज है
Sun, 27 Sep 2020 09:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 27 Sep 2020 09:13 PM IST
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प्रीति दुबे अपने पिता के साथ।
- फोटो : अमर उजाला।
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जरूरी नहीं रोशनी चिरागों से ही हो, बेटियां भी घर में उजाला करती हैं। हम शहर के कुछ ऐसी ही माता-पिता का जिक्र कर रहे हैं, जिनकी बेटियों ने घर से बाहर कदम निकाला और अपनी मेहनत व काबिलियत से एक नया मुकाम हासिल किया है। इंटरनेशनल डॉटर्स डे पर इन माता-पिता ने अपनी बेटियों को प्यार भरा संदेश देकर खुद को गौरवान्वित महसूस किया है। कहा कि बेटियां बोझ नहीं बल्कि बेटों की तरह जीवन का अहम हिस्सा होती हैं।
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बेटी के नाम से जानता-पहचानता है पूरा शहर
भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार फारवर्ड खिलाड़ी प्रीति दुबे अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपने हॉकी स्टिक का जादू बिखेर रही हैं। गोरखपुर की इस बिटिया की उपलब्धियों ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे शहर को गौरवान्वित किया है। बेेटी की उपलब्धि पर पिता अवधेश कुमार दुबे और मां मिथिलेश ने कहा कि अमूमन बच्चे पिता के नाम से जाने जाते हैं। मगर उनका परिवार उन खुशनसीब लोगों में है जो बेटी के नाम से जाना-पहचाना जाता है।
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बेटी ने भारतीय टीम का हिस्सा बनकर सीना चौड़ा कर दिया है। खजनी बाजार के भेउसा के रहने वाले रेलकर्मी अवधेश कुमार दुबे का परिवार रेलवे की बौलिया कॉलोनी में रहता है। शहर के प्राइमरी विद्यालय में कक्षा पांच तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद प्रीति ने छठी से आठवीं तक वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में हॉकी का ककहरा सीखा। वर्ष 2014 में जूनियर महिला हॉकी टीम में चुनी गईं। उसके बाद सीनियर टीम, इंडिया ए का हिस्सा हैं।
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तीन बेटियां हैं, उन पर भरोसा किया और आज गर्व है
धुरेंद्रनाथ त्रिपाठी अपने परिवार के साथ।
- फोटो : अमर उजाला।
दक्षिणी बेतियाहाता में रहने वाले तुलसीदास इंटर कॉलेज के धुरेंद्रनाथ त्रिपाठी सेवानिवृत्त प्रवक्ता हैं। बताया कि मैंने और पत्नी ऊषा ने रविवार की सुबह ही अपनी तीनों बेटियों से बात की। उन्हें इंटरनेशनल डॉटर्स डे पर बधाई दी और कहा, तुम सभी पर हमें नाज है।
बताया कि उनकी तीन बेटियां प्रज्ञा, जया और शिवा हैं। तीनों को बेटे जैसा प्यार और तालीम दी। वे गर्व से कहते हैं कि बेटियों ने अपनी मेहनत से एक मुकाम हासिल किया है। बड़ी बेटी प्रज्ञा एबीसी स्कूल में प्रिंसिपल और दूसरी बेटी जया सीएमएस स्कूल लखनऊ में शिक्षिका है। सबसे छोटी बेटी शिवा यूपीडा में प्रोजेक्ट इंचार्ज हैं और इस वर्ष पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर ट्रेजरी आफिसर पद पर चयनित हुई है। वे अपनी यादों में सामाजिक कड़वाहट का जिक्र करते हैं।
कहते हैं, तीन बेटियां होने पर मुझे बोझिल और पत्नी को सहानुभूति से देखा जाता था। जब बेटियां सामाजिक तानाबाना तोड़कर कुछ करने के लिए आगे आईं तो दुनियादारी और सामाजिकता का हवाला देकर लोगों ने रोकने की भरपूर कोशिश की। तब मैंने और पत्नी ने समाज की बजाय बेटियों पर भरोसा किया। हमारी बेटियों ने हमें बेटों से अधिक गौरवान्वित किया है। इतना ही कहूंगा कि बेटियां किसी मामले में बेटों से कम नहीं हैं।
फेसबुक पर संदेश छोटे पर मायने बड़े हैं
इंटरनेशनल डॉटर्स डे पर बहुत सारे पिता सोशल मीडिया पर बेटियों के साथ फोटो साझा कर प्यार भरे संदेश लिखे हैं। उनके संदेश छोटे हैं पर उसके मायने बहुत बड़े हैं। फेसबुक वॉल पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हर्ष सिन्हा ने अपनी बेटी के साथ फोटो साझा कर लिखा है-मुझे तुम पर गर्व है।
वहीं आकाशवाणी के अधिकारी तहसीन अब्बासी बेटी सारिया की रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ की फोटो साझा कर उन्हें याद किया है। सारिया इस समय भारतीय सेना में हैं। शैलेश भारतीय लिखते हैं, पापा की परी जबकि बिछिया के अजय की दो बेटियां हैं। उनकी फोटो के साथ लिखते हैं-घर की लक्ष्मी। इस तरह के न जाने कितने माता-पिता के पोस्ट भरे पड़े हैं, जो बेटियों के होने पर गर्व महसूस करते हैं।
बताया कि उनकी तीन बेटियां प्रज्ञा, जया और शिवा हैं। तीनों को बेटे जैसा प्यार और तालीम दी। वे गर्व से कहते हैं कि बेटियों ने अपनी मेहनत से एक मुकाम हासिल किया है। बड़ी बेटी प्रज्ञा एबीसी स्कूल में प्रिंसिपल और दूसरी बेटी जया सीएमएस स्कूल लखनऊ में शिक्षिका है। सबसे छोटी बेटी शिवा यूपीडा में प्रोजेक्ट इंचार्ज हैं और इस वर्ष पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर ट्रेजरी आफिसर पद पर चयनित हुई है। वे अपनी यादों में सामाजिक कड़वाहट का जिक्र करते हैं।
कहते हैं, तीन बेटियां होने पर मुझे बोझिल और पत्नी को सहानुभूति से देखा जाता था। जब बेटियां सामाजिक तानाबाना तोड़कर कुछ करने के लिए आगे आईं तो दुनियादारी और सामाजिकता का हवाला देकर लोगों ने रोकने की भरपूर कोशिश की। तब मैंने और पत्नी ने समाज की बजाय बेटियों पर भरोसा किया। हमारी बेटियों ने हमें बेटों से अधिक गौरवान्वित किया है। इतना ही कहूंगा कि बेटियां किसी मामले में बेटों से कम नहीं हैं।
फेसबुक पर संदेश छोटे पर मायने बड़े हैं
इंटरनेशनल डॉटर्स डे पर बहुत सारे पिता सोशल मीडिया पर बेटियों के साथ फोटो साझा कर प्यार भरे संदेश लिखे हैं। उनके संदेश छोटे हैं पर उसके मायने बहुत बड़े हैं। फेसबुक वॉल पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हर्ष सिन्हा ने अपनी बेटी के साथ फोटो साझा कर लिखा है-मुझे तुम पर गर्व है।
वहीं आकाशवाणी के अधिकारी तहसीन अब्बासी बेटी सारिया की रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के साथ की फोटो साझा कर उन्हें याद किया है। सारिया इस समय भारतीय सेना में हैं। शैलेश भारतीय लिखते हैं, पापा की परी जबकि बिछिया के अजय की दो बेटियां हैं। उनकी फोटो के साथ लिखते हैं-घर की लक्ष्मी। इस तरह के न जाने कितने माता-पिता के पोस्ट भरे पड़े हैं, जो बेटियों के होने पर गर्व महसूस करते हैं।