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UP News: गोरखपुर में बोले लोकसभा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश दुनिया के लिए सबसे शानदार आर्थिक गंतव्य

Sat, 10 Dec 2022 05:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 10 Dec 2022 05:11 PM IST
सार

लोकसभा अध्यक्ष शनिवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 90वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित पारितोषिक वितरण कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल वैभवपूर्ण संस्कृति, अध्यात्म व कठोर परिश्रम के लिए ख्यातिलब्ध है बल्कि आज विकास की दृष्टि से दुनिया का सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है।

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Speaker of Lok Sabha spoke at closing ceremony of Maharana Pratap Shiksha Parishad founder week
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की मुक्तकंठ सराहना करते हुए कहा कि आज दुनिया के लिए उत्तर प्रदेश सबसे शानदार आर्थिक गंतव्य है। बड़े से बड़े देश भी आर्थिक गंतव्य चुनने के लिए उत्तर प्रदेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विचार एवं दूरदृष्टि का परिणाम है। उत्तर प्रदेश में हर नौजवान को रोजगार मिलेगा, किसान समृद्ध होगा। यह प्रदेश देश ही नहीं दुनिया का सिरमौर बनेगा।

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लोकसभा अध्यक्ष शनिवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 90वें संस्थापक सप्ताह समारोह के समापन पर आयोजित पारितोषिक वितरण कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल वैभवपूर्ण संस्कृति, अध्यात्म व कठोर परिश्रम के लिए ख्यातिलब्ध है बल्कि आज विकास की दृष्टि से दुनिया का सबसे तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। नए विचार रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में उत्तर प्रदेश में उद्योग, सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी आदि सभी क्षेत्रों में लंबा दृष्टिकोण बनाकर काम किया है। उत्तर प्रदेश कई देशों को मिलाकर भी बड़ा है।
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उन्होंने कहा कि आज यहां शांति है मजबूत कानून व्यवस्था है, न्याय, समानता व समतामूलक समाज है। जहां शांति रहती है, वही प्रगति व खुशहाली भी आती है। यही कारण है कि कानून का राज और शांति होने के चलते दुनिया के लोग आर्थिक गंतव्य के लिए उत्तर प्रदेश को चुनते हैं। यहां के मुख्यमंत्री की सोच है कि यह प्रदेश आर्थिक दृष्टि से मजबूत होकर रोजगार देने वाला सबसे बड़ा प्रदेश भी बने। जबकि एक समय तक सर्वाधिक पलायन उत्तर प्रदेश से ही होता था। उत्तर प्रदेश के युवाओं को यहीं की धरती पर काम मिले और उनकी क्षमता का लाभ प्रदेश को मिले, उसी दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आर्थिक तंत्र को आगे बढ़ा रहे हैं।
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लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला ने कोरोना प्रबंधन को लेकर भी सीएम योगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट के दौरान न केवल डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व कोरोना योद्धाओं का हौसला बढ़ाया बल्कि खुद कोरोना पीड़ित होने के बावजूद लोगों के बीच जाकर उनका साहस बढ़ाते रहे। कोरोना संकट में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ काम किया। चिकित्सा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी तय मानकों पर उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहे, इसी नई सोच से यहां काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत को जी-20 का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला है। इसमें यूपी में भी कई कार्यक्रम होंगे। उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। यहां 76 फीसद सरफेस वाटर सिंचन होता है, लक्ष्य 100 फीसद का है। जी-20 के माध्यम से हम कृषि उत्पादों और उनका मूल्य संवर्धन कर किसानों को आर्थिक रूप से और समृद्ध कर सकेंगे।

भारत के युवाओं में अद्भुत क्षमता
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया में भारत की बदलती पहचान में युवाओं की बड़ी भूमिका है। भारत के युवाओं में चिंतन, नवाचार की अद्भुत क्षमता है। भारत को विकसित व समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को अपने समृद्ध विरासत, स्वामी विवेकानंद, मदन मोहन मालवीय और महंत दिग्विजयनाथ जैसे महान व्यक्तित्व व उनसे मिली प्रेरणा को भी याद रखना होगा।

आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक है गोरक्षनगरी
लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला ने कहा कि गुरु गोरक्षनाथ की तपोभूमि गोरक्षनगरी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक है। नाथ संप्रदाय के योगियों ने धर्म, संस्कृति को मुगल शासकों के आक्रमण से बचाया। आजादी के आंदोलन में जब मदन मोहन मालवीय जी ने संस्कारप्रद व समग्र व्यक्तित्व विकास वाली शिक्षा के विचार दिए तब महंत दिग्विजयनाथ ने उसी अनुरूप महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना कर राष्ट्रीयता व समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने वाली शिक्षा का बीजारोपण किया। महिला शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कृषि व आयुर्वेद शिक्षा पर भी ध्यान दिया। आज इस परिषद का विस्तार 52 शिक्षण संस्थाओं तक हो चुका है। युवाओं को प्रेरणा देने के लिए परिषद का नामकरण राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप के नाम पर किया।

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