फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   SP senior leader Zafar Amin Dakku said family woman member false case filed in gorakhpur

सपा नेता डक्कू ने लगाया झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप, कहा- 'निर्दोष होने के बाद ही कार्यक्रमों में लूंगा हिस्सा'

Mon, 23 Nov 2020 09:35 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Mon, 23 Nov 2020 09:35 AM IST
विज्ञापन
SP senior leader Zafar Amin Dakku said family woman member false case filed in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद सपा नेता जफर अमीन डक्कू ने रविवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पार्टी के ही एक नेता पर घर की महिला से द्वेषवश झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया जब तक वे पुलिस की विवेचना और न्यायालय से निर्दोष नहीं साबित हो जाते पार्टी के किसी भी कार्यक्रम या टीवी चैनलों के डिबेट में नहीं दिखाई देंगे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दाग के साथ वह राजनीति नहीं कर सकते। जब तक बेदाग नहीं साबित हो जाएंगे राजनीति से दूर रहेंगे। डक्कू ने कहा कि 1984 में वे राजनीति में आए। 1989 में पार्षद बने। 1991 में जनता दल से शहर विधान सभा से चुनाव लड़ा सात वर्षों तक सपा महानगर अध्यक्ष पद पर रहे। 2012 में सपा के टिकट पर ग्रामीण क्षेत्र से चुनाव भी लड़े। 36 वर्षों तक का उनका राजनैतिक जीवन साफ सुथरा और बेदाग रहा है।
विज्ञापन


डक्कू ने कहा कि उनके ऊपर कभी किसी शमशान, कब्रिस्तान अथवा किसी दूसरे की जमीन पर कब्जा करने, सूद पर रुपया चलाने अथवा सरकारी कंबलों को चारी करके बेचने जैसा कोई भी आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि किसी भी दूसरे राजनैतिक दल के प्रतिद्वंदी कार्यकर्ताओं व नेताओं ने भी कभी उनके ऊपर कोई आरोप नहीं लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
उन्होंने ने कहा कि उनके लिए यह बहुत दु:खद है कि पार्टी के ही एक पूर्व महानगर अध्यक्ष और जनप्रतिनधि ने अपने परिवार की महिला से उनकी 36 वर्षों की बेदाग राजनैतिक एवं सामाजिक छवि को एक सुनियोजित साजिश के तहत धूमिल करने का प्रयास किया गया है।

ये हुआ था

शहर के कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर की रहने वाली महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके ससुर की मौत से पहले ही उनके पति और देवरों के बीच मकान का बंटवारा हो गया था। सभी अलग-अलग रहते हैं। उनके एक देवर की शादी नहीं हुई है। आरोप लगाया कि 14 जनवरी 2020 को पति कहीं गए हुए थे। वह नहाने के बाद अपने कमरे में कपड़े बदल रहीं थीं। इसी दौरान पहले से कमरे में छुपकर बैठे देवर ने उनसे जबरदस्ती की। शोर मचाने पर जानमाल की धमकी दी।

इसी बीच उनके दूसरे देवर और ननद अपने सहयोगी सपा के वरिष्ठ नेता जफर अमीन के साथ पहुंच गए और आरोपी का बचाव करने लगे। महिला का आरोप है कि उन्होंने घटना की सूचना थाने पर दी, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। लॉकडाउन के चलते उन्होंने रजिस्टर्ड सूचना एसएसपी को भी दी।

मामले में कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ धारा 354, 376, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर जयदीप ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed