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Gorakhpur News: बीमार पिता को स्ट्रेचर पर लेकर इलाज के लिए भटकते रहे बेटे
Tue, 08 Oct 2024 03:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 08 Oct 2024 03:20 AM IST
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बीमार पिता को इलाज के लिए स्ट्रेचर पर लेकर भटकते बेटे।
निचलौल। गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर इलाज नहीं मिल सका। बेटे पिता को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर से सड़क तक भटकते रहे, जबकि जिम्मेदार बेहतर इलाज का दवा करते हैं। इसके बाद बेटे उन्हें जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मीपुर थाना कोतवाली ठूठीबारी निवासी ध्रुव नारायण (72) का यूरिन रूक गया था। इससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी। बेटे उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल की ओपीडी में पहुंचे थे। जहां पर जिम्मेदारों की ओर से ध्रुव नारायण की इमरजेंसी कक्ष में नाम दर्ज करा ली गई। फिर रोगी का जांच रिपोर्ट लाने की बात कही गई। उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल परिसर से लेकर अस्पताल गेट के इर्द-गिर्द काफी देर तक भटकते रहे। इसके बाद उन्हें लेकर जिला अस्पताल चले गए। जहां उनका उपचार हुआ।
मामले की जानकारी है। रोगी का पेशाब रुक गया था। मरीज का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बेटे अस्पताल से बाहर ले गए थे, क्योंकि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं है। रिपोर्ट के आधार पर मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इलाज में लापरवाही नहीं हुई।
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-डॉ. डीएन सिंह, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मीपुर थाना कोतवाली ठूठीबारी निवासी ध्रुव नारायण (72) का यूरिन रूक गया था। इससे उनकी हालत गंभीर हो गई थी। बेटे उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल की ओपीडी में पहुंचे थे। जहां पर जिम्मेदारों की ओर से ध्रुव नारायण की इमरजेंसी कक्ष में नाम दर्ज करा ली गई। फिर रोगी का जांच रिपोर्ट लाने की बात कही गई। उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल परिसर से लेकर अस्पताल गेट के इर्द-गिर्द काफी देर तक भटकते रहे। इसके बाद उन्हें लेकर जिला अस्पताल चले गए। जहां उनका उपचार हुआ।
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मामले की जानकारी है। रोगी का पेशाब रुक गया था। मरीज का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बेटे अस्पताल से बाहर ले गए थे, क्योंकि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं है। रिपोर्ट के आधार पर मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इलाज में लापरवाही नहीं हुई।
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-डॉ. डीएन सिंह, अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र