{"_id":"6162a7848ebc3ea661105814","slug":"solid-waste-management-will-provide-employment-in-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में मिलेगा रोजगार, 50 करोड़ की लागत से बनेंगे कंपोस्ट पिट व सोक पिट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से गांवों में मिलेगा रोजगार, 50 करोड़ की लागत से बनेंगे कंपोस्ट पिट व सोक पिट
Sun, 10 Oct 2021 02:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 10 Oct 2021 02:12 PM IST
सार
50 करोड़ की लागत से जिले में बनेंगे 2459 कंपोस्ट पिट और 39347 सोक पिट, 100 दिन की इस योजना में 1,86,896 ग्रामीणों को मिलेगा प्रत्यक्ष रोजगार।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्थायित्व एवं सुजलाम अभियान के अंतर्गत जिले की 1294 ग्राम पंचायतों में 2459 सामुदायिक कंपोस्ट पिट एवं 39347 व्यक्तिगत सोक पिट बनाए जाएंगे। इन कार्यों में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं 15वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च की जाएगी। मनरेगा निधि का इस्तेमाल मजदूरी के मद में किया जाएगा। इन योजनाओं से 1,86,896 लोगों को प्रत्यक्ष्य रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
अभियान के अंतर्गत 2459 सामुदायिक कंपोस्ट पिट पर प्रति पिट 15,000 रुपये के हिसाब से 3.70 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी। 29508 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी तरह 39347 व्यक्तिगत सोक पिट बनाए जाएंगे। प्रति सोक पिट 11700 रुपये की धनराशि खर्च होगी। यानी 46.04 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी, इनके निर्माण से 157388 लोगों को ग्राम स्तर पर रोजगार मिलेगा। दोनों योजनाओं को जोड़ दें तो 186896 लोगों को रोजगार मिलेगा। फिलहाल अब तक 250 कंपोस्ट पिट और 700 से अधिक व्यक्तिगत सोक पिट का निर्माण किया जा चुका है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों में गंदे जल के प्रबंधन के लिए सोख्ता बनेगा
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण परियोजना समन्वयक बच्चा सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में गंदे जल के प्रबंधन के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जाएगा। सोख्ता गड्ढा एक ऐसी विधि है, जिसे घरेलू स्तर एवं सामुदायिक स्तर पर निर्माण कर गंदे जल का प्रबंधन तो किया ही जा सकता है। उसके साथ भूमिगत जल के स्तर को बढ़ाने में भी यह विधि कारगर सिद्ध होगी।
विज्ञापन
गोरखपुर डीएम विजय किरण आनंद ने कहा कि योजना का उद्देश्य गांव में जलभराव एवं वाटर रिचार्जिंग और बेहतर स्वच्छता प्रबंधन सुनिश्चित कराना है। इन कार्यों के लिए सभी पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, सहायक विकास अधिकारी पंचायत एवं समस्त खंड विकास अधिकारियों को प्रशिक्षण मिल चुका है।