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यूपी: सर्राफा व्यवसायी से 30 लाख लूटना पुलिस कर्मियों को पड़ा भारी, थानेदार समेत 12 निलंबित
Thu, 21 Jan 2021 07:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 21 Jan 2021 07:10 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर जिले में सर्राफा व्यवसायी को अगवा करके 30 लाख की लूट करने वाले तीनों पुलिस वाले 25 महीने से पुरानी बस्ती थाने में तैनात थे। गुरुवार को गोरखपुर एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने 24 घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया।
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वहीं आरोपी दरोगा व दो सिपाहियों के गोरखपुर लूटकांड में पकड़े जाने के बाद यहां के थाना प्रभारी समेत 12 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
आईजी एके राय ने बताया कि पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक, हेड मोहर्रिर, मोहर्रिर व आरक्षियों को निलंबित किया गया है। एएसपी बस्ती को विभागीय जांच की जिम्मेदारी दी गई है। निलंबित पुलिस कर्मियों में गिरफ्तार दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव व संतोष यादव के अलावा प्रभारी निरीक्षक अवधेशराज सिंह शामिल हैं। साथ ही एसआई राम नगीना यादव, हेड मोहर्रिर (दीवान) हरिश्चंद्र यादव, आरक्षी आलोक भार्गव, बृजेश यादव, आदर्श तिवारी, कृष्णानंद भारती, कृष्णमोहन खरवार और आलोक सिंह पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है।
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आईजी एके राय ने बताया कि पूरे प्रकरण की एएसपी को जांच सौंपी गई है। उसके बाद कठोरतम विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। आईजी ने बताया कि बिना सूचना व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देना गंभीर लापरवाही है। कहा कि पुलिस की छवि दागदार करने वाले कृत्य पर विभागीय जांच के बाद दीर्घदंड दिया जाना तय है।
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ये है पूरा मामला...
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को महाराजगंज के व्यापारी दीपक वर्मा और रामू के साथ वारदात हुई थी। रेलवे बस स्टेशन से जनरथ बस से दोनों व्यापारी को लेकर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था और इनके वर्दी में होने की वजह से वर्दी वाले बदमाशों पर शक था लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि असली पुलिस वालों ने ही लूट की घटना को अंजाम दिया है।