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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Six large business groups in Gorakhpur are suspected of evading taxes worth 500 crore rupees.

Income Tax Raid: छह बड़े कारोबारी समूहों से 500 करोड़ की कर चोरी की आशंका, गोरखपुर मंडल में पड़ी थी Raid

Sun, 21 Dec 2025 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 21 Dec 2025 12:43 AM IST
सार

गोरखपुर में चार दिन से चल रही आयकर विभाग की रेड शनिवार को शाम को खत्म हो गई। इस दौरान नकद के साथ जेवर और कागजों में रिकार्ड मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि करीब 15 बैंक लॉकर मिले हैं, जिनसे 10 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात बरामद हुए हैं। इस दौरान संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें विदेशों में स्थित संपत्तियों के कागजात शामिल हैं। इसके अलावा गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ, कानपुर और दिल्ली सहित अन्य शहरों में मौजूद संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

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Six large business groups in Gorakhpur are suspected of evading taxes worth 500 crore rupees.
गोरखपुर मेडिकल रोड स्थित एमबी हीरो के शोरूम पर इनकम टैक्स का छापा शुक्रवार को भी जारी रहा।फोटो

विस्तार

आयकर विभाग की ओर से गोरखपुर और आसपास के जिलों में पिछले पांच दिनों तक चल रही सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई शनिवार को पूरी हो गई। छह बड़े कारोबारी समूहों के आवास और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के दौरान लगभग 500 करोड़ रुपये की अघोषित आय और वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए।

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इस दौरान करीब एक करोड़ रुपये नकद, करोड़ों के जेवरात और 15 हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेज जब्त किए गए। आयकर विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र रियल एस्टेट, खाद्य तेल और शराब कारोबार से जुड़े बड़े व्यावसायिक समूह रहे। जांच में सामने आया है कि इन क्षेत्रों में लंबे समय से संगठित तरीके से टैक्स चोरी की जा रही थी। 

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रियल एस्टेट सेक्टर में अघोषित नकद लेनदेन, वास्तविक कीमत से कम दरों पर रजिस्ट्री कराना और कागजों में लागत कम दिखाने जैसे मामलों के साक्ष्य मिलने की बात कही जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जमीन और निर्माण परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर नकद भुगतान किया गया, जिसे आयकर रिटर्न में दर्शाया नहीं गया।

वहीं, खाद्य तेल और शराब कारोबार से जुड़े समूहों में बिलों में हेराफेरी कर मुनाफा छिपाने के संकेत मिले हैं। जांच के दौरान ऐसे कई दस्तावेज सामने आए हैं, जिनसे यह आशंका जताई जा रही है कि वास्तविक बिक्री और रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर है। इसके अलावा, कुछ मामलों में फर्जी कंपनियों और बेनामी खातों के जरिए लेनदेन करने के प्रमाण भी मिले हैं। आयकर विभाग इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रहा है।
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15 हजार पन्नों से अधिक के दस्तावेज
सर्च ऑपरेशन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयकर विभाग की टीमों ने पांच दिनों के भीतर 15 हजार से अधिक पन्नों के दस्तावेज जब्त किए हैं और उनकी फोटोकॉपी कराई है। इनमें संदिग्ध बही-खाते, डायरियां, रजिस्ट्री से जुड़े कागजात, निवेश संबंधी फाइलें और डिजिटल डेटा शामिल हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों में अघोषित लेनदेन और निवेश का पूरा खाका दर्ज है, जिससे टैक्स चोरी की वास्तविक राशि का आकलन किया जा सकेगा।
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जल्द जारी होंगे कारोबारियों को नोटिस
सर्च ऑपरेशन समाप्त होने के बाद आयकर विभाग अब जब्त किए गए साक्ष्यों के आधार पर संबंधित कारोबारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की तैयारी में है। नोटिस के माध्यम से उनसे अघोषित आय और लेनदेन के स्रोत को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में भारी जुर्माना, कर निर्धारण और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध कारोबारी समूहों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पकड़ी गई हेराफेरी
सर्च ऑपरेशन के दौरान बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड, रजिस्ट्री दस्तावेज, निवेश से जुड़े कागजात और कंप्यूटर सर्वर की गहन जांच की गई। जांच की खास बात यह रही कि आयकर विभाग ने इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स की मदद से संदिग्ध लेनदेन की पहचान की।

एआई के जरिए बैंकिंग ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी डील, नकद भुगतान और कंपनियों के आपसी लेनदेन का विश्लेषण किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर हेराफेरी का खुलासा हुआ। अधिकारियों का कहना है कि रियल एस्टेट कारोबार में जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण परियोजनाओं में वास्तविक कीमत से कम मूल्य दिखाकर टैक्स चोरी की गई।

विदेशों में भी संपत्तियों के मिले दस्तावेज
सूत्रों ने बताया कि करीब 15 बैंक लॉकर मिले हैं, जिनसे 10 करोड़ रुपये से अधिक के जेवरात बरामद हुए हैं। इस दौरान संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें विदेशों में स्थित संपत्तियों के कागजात शामिल हैं। इसके अलावा गोरखपुर, देवरिया, लखनऊ, कानपुर और दिल्ली सहित अन्य शहरों में मौजूद संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

इन सभी की अलग से जांच कराई जाएगी। संपत्तियों की खरीद में आय के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि आय के स्रोत संतोषजनक नहीं पाए गए तो संबंधित संपत्तियों को बेनामी प्रकोष्ठ को भेजा जाएगा। जांच में यह भी सामने आया है कि कई लोगों के माध्यम से अवैध धन को वैध बनाने का काम किया जा रहा था, जिसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था।
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