फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Six ambulances in the area, yet none arrived on time.

Gorakhpur News: क्षेत्र में छह एंबुलेंस, फिर भी समय पर नहीं मिलीं

Sun, 13 Sep 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 13 Sep 2026 02:45 AM IST
विज्ञापन
Six ambulances in the area, yet none arrived on time.
गोरखपुर। उरुवा क्षेत्र के पहाड़पुर में छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 65 वर्षीय राजकुमार की जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। परिजनों ने एंबुलेंस मिलने में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। पत्नी विमला देवी का आरोप है कि घर से उरुवा पीएचसी ले जाने के समय भी एंबुलेंस पहुंचने में देर हुई। इसके बाद पीएचसी में हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद भी एंबुलेंस के लिए करीब 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान राजकुमार की हालत और बिगड़ गई और जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन


शुक्रवार दोपहर करीब 2:27 बजे का मामला
पहाड़पुर निवासी राजकुमार गुप्ता छत से नीचे गिर गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोट आई। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुटे। दोपहर 2:27 बजे राजकुमार को एंबुलेंस से उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। पत्नी विमला देवी का आरोप है कि घर से अस्पताल लाने के लिए एंबुलेंस पहुंचने में भी देरी हुई। उरुवा पीएचसी में चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी त्रिपाठी ने राजकुमार का प्राथमिक उपचार शुरू किया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की गई।
विज्ञापन


3 बजे किया गया रेफर
चिकित्सक ने अपरान्ह करीब तीन बजे राजकुमार को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीएचसी पर उस समय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। अस्पताल की ओर से जिला एंबुलेंस समन्वयक को सूचना देकर एंबुलेंस की मांग की गई। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस के आने की जानकारी दी गई, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। करीब 45 मिनट तक राजकुमार गंभीर हालत में पीएचसी पर रहे। इस दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेलघाट से पहुंची एंबुलेंस

बेलघाट से एंबुलेंस पीएचसी पर पहुंची। पीएचसी से इसकी दूरी करीब 30 किलोमीटर है, वहीं एक और एंबुलेंस माल्हनपार से पहुंची। राजकुमार को उसमें जिला अस्पताल के लिए रवाना किया गया। परिजनों के मुताबिक तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। पत्नी विमला देवी का आरोप है कि अगर घर से अस्पताल लाने और पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस समय पर मिल जाती तो राजकुमार को समय से इलाज मिल सकता था। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और एंबुलेंस पहुंचने में हुई देरी की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

छह एंबुलेंस की व्यवस्था, फिर भी नजदीकी उपलब्ध नहीं होने का दावा

एंबुलेंस सेवा के क्षेत्रीय प्रबंधक दिग्विजय मौर्य के अनुसार एक निश्चित क्षेत्र में छह एंबुलेंस तैनात रहती हैं। कॉल मिलने पर मरीज की लोकेशन के आधार पर नजदीकी उपलब्ध एंबुलेंस को भेजा जाता है। घटना के समय संबंधित क्षेत्र में नजदीकी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी। बेलघाट से एंबुलेंस भेजी गई और माल्हनपार से भी एंबुलेंस मांगी गई। एंबुलेंस मिलने के बाद मरीज को जिला अस्पताल भेजा गया।

-----
जिले में संचालित हैं 96 एंबुलेंस
जिले में कुल 96 एंबुलेंस संचालित हैं। इनमें 50 एंबुलेंस 102 सेवा और 46 एंबुलेंस 108 सेवा की हैं। इसके अलावा छह एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी हैं। मरीज तक अधिकतम 15 मिनट में एंबुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए करीब सात किलोमीटर की दूरी का मानक रखा गया है। दिन के समय यातायात और जाम की वजह से भी एंबुलेंस के पहुंचने में समय लगने की बात विभाग की ओर से कही गई है।

----------------------------------------

अधिवक्ताओं की मौत के मामले में भी एंबुलेंस की देरी का लगा था आरोप
छह सितंबर को राजघाट पर गुंबद गिरने से घायल हुए दो अधिवक्ताओं की मौत के मामले में भी एंबुलेंस पहुंचने में देरी का आरोप लगा था। अब एक सप्ताह के भीतर दूसरा मामला सामने आया है।
-------------------------------------------

कोट----

मामले की जानकारी है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। एंबुलेंस के लिए कॉल कब हुई, एंबुलेंस कब रवाना हुई और मौके पर कब पहुंची, इसकी भी जानकारी ली जाएगी।
डॉ. संतोष श्रीवास्तव, एडिशनल सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed