SIT की जांच में बड़ी कार्रवाई: बस्ती-संतकबीरनगर के पीटीओ सहित चार गिरफ्तार, भेजे गए जेल
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ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के एवज में वसूली मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बस्ती और संतकबीरनगर के परिवहन विभाग के पब्लिक पैसेंजर टैक्स आफिसर (पीटीओ) व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन को गिरफ्तार करके मंगलवार को जेल भेज दिया। देवरिया आरटीओ के सिपाही और बस्ती पीटीओ के प्राइवेट गाड़ी के चालक को भी गिरफ्तार किया गया। इन सबकी गिरफ्तारी सोमवार की देर रात की गई थी।
एसआईटी के प्रभारी व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सोमवार की देर रात एसआईटी ने शहर के बाहरी इलाके रामनगर कड़जहां और एकला के पास फोरलेन पर ओवरलोड ट्रकों को पास कराने के लिए वसूली करते बस्ती के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन शैलेंद्र कुमार तिवारी, संतकबीरनगर के पीटीओ व प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
बस्ती पीटीओ के प्राइवेट गाड़ी के चालक उत्तम चन्द और देवरिया आरटीओ के सिपाही अनिल कुमार शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसआईटी को इन सभी के वसूली का वीडियो साक्ष्य भी मिला था। एसटीएफ ने वसूली गिरोह का पर्दाफाश किया था।
इस मामले में मधुबन होटल के मालिक सहित छह लोगों को गिरफ्तार करके पहले ही जेल भेजा गया था। साथ ही कैंट थाने में एफआईआर कराई गई थी। एसटीआईटी ने जांच शुरू की तो आरटीओ के कुछ अधिकारियों के शामिल होने के साक्ष्य मिले। कुछ आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें लगाई गई थीं। गिरफ्तार आरोपितों से मंगलवार की सुबह से ही एसआईटी प्रभारी व सीओ कैंट ने कैंट थाने में करीब चार घंटे तक पूछताछ की
सबसे होती थी वसूली
सीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने वसूली की बात स्वीकार की है। कैंट पुलिस ने मंगलवार की देर शाम आरोपितों का मेडिकल परीक्षण कराके उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआईटी के प्रभारी सीओ कैंट के अलावा एसओ बेलीपार संतोष सिंह, दरोगा इत्यानंद शुक्ला और कैंट इंस्पेक्टर रवि राय, नवीन सिंह, धीरेंद्र आदि शामिल रहे।
हर ट्रक संचालक से 4 से 5 हजार रुपये वसूली
पुलिस के मुताबिक हाइवे पर ओवरलोड ट्रकों को निकलवाने के एवज में हर संचालक से चार से पांच हजार रुपये वसूले जाते थे। जब अधिकारी नहीं रहते थे तो उनका स्टाफ ( गाड़ी चालक और सिपाही) वसूली करते थे। यह सिलसिला पिछले दस से पंद्रह वर्षों से चल रहा था। सीओ कैंट ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि वसूली का रैकेट देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, सोनभद्र सहित यूपी के 20-25 जिलों में फैला है। जांच में कई और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही सबके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित भी अपने जिले की सीमा से बाहर जाकर वसूली करते थे।