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सिंधी समाज ने किया नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन
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सीएए पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते सिंधी समाज के जीवत सिंह माधवानी।
सिंधी समाज ने किया नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन
गोरखपुर। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में झूलेलाल मंदिर में शनिवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रांतीय प्रवक्ता व सिंधुत्व सद्भावना समिति के केंद्रीय संयोजक जीवत सिंह माधवानी ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली ही नहीं बल्कि एक जीवन शैली भी है। लोकतंत्र में हमें जो नागरिक अधिकार मिले हैं, वह तभी सार्थक होते हैं, जब हम लोकतांत्रिक कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से अनुपालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की जनता में राष्ट्रभाव पैदा करने का कोई प्रयास नहीं किया गया यही कारण है कि आज लोकतंत्र जहां केवल चुनाव तंत्र बन कर रह गया है, वहीं देश में अक्सर राष्ट्र विरोधी आवाजें भी सुनाई पड़ती हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि राष्ट्रवाद और लोकतंत्र एक दूसरे के पूरक हैं। गोष्ठी में सिंधुत्व सद्भावना समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुशील घावरी, प्रवक्ता कमल मंझानी, नरेश कर्मचंदानी, इंद्र कुमार एलानी, दास चंद साधवानी, शिव कुमार मलकानी व शरद लखमानी ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पूरन भागवानी, विनोद साधवानी, देवा कुमार, रिक्कू हिरवानी, मदन लाल, किशन मंध्यान, बलराम दास, नंदलाल, अज्जी लखमानी, रतन कुमार, गोविंद चावला, हरीश कुमार, गोवर्धन, विक्की कुकरेजा, मदनलाल, शिव मलकानी आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में झूलेलाल मंदिर में शनिवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रांतीय प्रवक्ता व सिंधुत्व सद्भावना समिति के केंद्रीय संयोजक जीवत सिंह माधवानी ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली ही नहीं बल्कि एक जीवन शैली भी है। लोकतंत्र में हमें जो नागरिक अधिकार मिले हैं, वह तभी सार्थक होते हैं, जब हम लोकतांत्रिक कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से अनुपालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की जनता में राष्ट्रभाव पैदा करने का कोई प्रयास नहीं किया गया यही कारण है कि आज लोकतंत्र जहां केवल चुनाव तंत्र बन कर रह गया है, वहीं देश में अक्सर राष्ट्र विरोधी आवाजें भी सुनाई पड़ती हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि राष्ट्रवाद और लोकतंत्र एक दूसरे के पूरक हैं। गोष्ठी में सिंधुत्व सद्भावना समिति के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुशील घावरी, प्रवक्ता कमल मंझानी, नरेश कर्मचंदानी, इंद्र कुमार एलानी, दास चंद साधवानी, शिव कुमार मलकानी व शरद लखमानी ने भी विचार व्यक्त किए।
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इस अवसर पर पूरन भागवानी, विनोद साधवानी, देवा कुमार, रिक्कू हिरवानी, मदन लाल, किशन मंध्यान, बलराम दास, नंदलाल, अज्जी लखमानी, रतन कुमार, गोविंद चावला, हरीश कुमार, गोवर्धन, विक्की कुकरेजा, मदनलाल, शिव मलकानी आदि मौजूद रहे।
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