{"_id":"659912b8824d33221f081d2b","slug":"silence-spread-at-house-of-brother-of-mafia-vinod-upadhyay-2024-01-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: माफिया विनोद उपाध्याय के भाई के घर पर पसरा सन्नाटा, सबने साधी चुप्पी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: माफिया विनोद उपाध्याय के भाई के घर पर पसरा सन्नाटा, सबने साधी चुप्पी
Sat, 06 Jan 2024 02:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 06 Jan 2024 02:13 PM IST
सार
गोरखपुर के मूल निवासी और एसटीएफ डीएसपी दीपक सिंह की टीम ने ही माफिया विनोद को मुठभेड़ में मारा है। बताया जा रहा कि भागते वक्त उसके पास एक पिस्टल और स्टेनगन भी था जिससे वह हमला कर भागने की फिराक में था।
विज्ञापन
माफिया विनोद उपाध्याय
- फोटो : माफिया विनोद उपाध्याय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के धर्मशाला स्थित विनोद उपाध्याय के भाई के आवास पर शुक्रवार की दोपहर दो बजे के करीब सन्नाटा पसरा था। घर के अंदर मौजूद दो महिलाओं ने कहा- इस मामले में कुछ भी बोलना नहीं चाहते हैं। पास से गुजर रहे एक शख्स ने बताया कि विनोद के भाई शव लेने चले गए हैं।
विज्ञापन
छात्रनेता को होटल में मारी थी गोली
2001 में ठेके के विवाद को लेकर विनोद उपाध्याय और उसके साथियों ने गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष वेदप्रकाश मिश्र को शास्त्री चौक स्थित एक होटल में घुसकर गोली मारी, लेकिन वह बच गए। इस मामले में विनोद के साथ विष्णु तिवारी व प्रभाकर द्विवेदी का नाम आया था।
विज्ञापन
इसके बाद उसने सेंट एंड्रयूज कॉलेज में एलएलबी में दाखिला ले लिया था। उस समय उसकी पैठ ऐसी थी कि वह अलग बैठकर परीक्षा देता था, लेकिन फिर आखिरी परीक्षा से पहले जेल चला गया, जिस वजह से उसका अधिवक्ता की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई।
विज्ञापन
गोरखपुर के अफसर ने की अगुवाई
गोरखपुर के मूल निवासी और एसटीएफ डीएसपी दीपक सिंह की टीम ने ही माफिया विनोद को मुठभेड़ में मारा है। बताया जा रहा कि भागते वक्त उसके पास एक पिस्टल और स्टेनगन भी था जिससे वह हमला कर भागने की फिराक में था। इसी दौरान एसटीएफ की गोली से घायल हो गया।
गोरखपुर के मूल निवासी और एसटीएफ डीएसपी दीपक सिंह की टीम ने ही माफिया विनोद को मुठभेड़ में मारा है। बताया जा रहा कि भागते वक्त उसके पास एक पिस्टल और स्टेनगन भी था जिससे वह हमला कर भागने की फिराक में था। इसी दौरान एसटीएफ की गोली से घायल हो गया।