नीति आयोग की रैंकिंग में महात्मा बुद्ध की धरती को मिला देश में पहला स्थान, इस टीम ने लोगों को ऐसे दिलाया समस्या से निदान
- बुजुर्गों का हालचाल लेने और समस्या निदान करने का मामला
- सुरक्षित दादा दादी, नाना नानी अभियान में 17459 से संपर्क
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कोरोना संक्रमण काल में हुए लॉकडाउन और उसके बाद अनावश्यक घर से बाहर न निकलने के नियमों ने समाज के आधार स्तंभ कहे जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों (वृद्धजन) को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। इनकी समस्यओं से अवगत होने और निदान की दिशा में चलाए गए अभियान में नीति आयोग की रैंकिंग में महात्मा बुद्ध की धरती सिद्धार्थनगर जिला देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
नीति आयोग के पहल पर सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सी-फार) संस्था की ओर से सुरक्षित दादा दादी, नाना नानी अभियान के तहत जिले में भी बुजुर्गों यानि वरिष्ठ नागरिकों को समय पर राशन और दूसरी खाद्य सामग्री के साथ ही दवाएं, पेंशन एवं जरूरत की अन्य चीजें मिल पा रही हैं या नहीं इन प्रश्नों के उत्तरों के साथ ही इन बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल करने के लिए पहल हुई।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि जिले के बुजुर्गों से टेलीफोन के माध्यम से उनका हालचाल लिया। उनकी मुश्किलों को जाना और उन्हें व उनके परिवार के सदस्यों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानी के बारे में भी बताया।
योजना के पहले चरण में सर्वाधिक 17,459 वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क किया गया। जबकि 1135 शिकायतों में 1067 का निस्तारण भी किया गया। यह आंकड़ा देश में प्रथम स्थान दिलाया है। नीति आयोग की रैकिंग में इसका उल्लेख है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा का कहना है कि कोरोना काल में जब सेवाएं बाधित हुई ऐसे में बूजुर्गो को आवश्यक दवाओं और पेंशन जैसी समस्याओं से न जूझना पड़े इसलिए इस तरह का अभियान चलाया गया। संज्ञान में आ रही विसंगितियों को दूर करने का प्रयास किया गया। नीति आयोग की रैकिंग में जनपद को देश में पहला स्थान मिला है। इसके लिए टीम के सभी लोग बधाई के पात्र हैं।