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गोरखपुर विश्वविद्यालय में कई घंटे हुआ धरना-प्रदर्शन, एबीवीपी के हेल्पडेस्क पर अन्य संगठनों ने किया हंगामा
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गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी द्वारा हेल्प डेस्क लगाए जाने के विरोध में धरना प्रदर्श?
- फोटो : GORAKHPUR CITY
गोरखपुर विश्वविद्यालय में कई घंटे हुआ धरना-प्रदर्शन, एबीवीपी के हेल्पडेस्क पर अन्य संगठनों ने किया हंगामा
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के दौरान दीक्षा भवन के सामने काफी देर तक जमकर हंगामा चला। एबीवीपी ने विद्यार्थियों के सहयोग के लिए हेल्पडेस्क लगाया तो उसे हटाने के लिए एनएसयूआई, सपा छात्रसभा आदि संगठनों ने प्रदर्शन कर धरना देना शुरू कर दिया। मुख्य नियंता और अधिष्ठाता छात्र कल्याण के समझाने पर भी एबीवीपी के कार्यकर्ता नहीं माने। इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट को विवि प्रशासन ने हेल्पडेस्क हटाने के लिए लिखित रूप से सूचना दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, एबीवीपी ने शुक्रवार को भी हेल्पडेस्क लगाने का ऐलान किया है।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे एनएसयूआई, सपा छात्रसभा आदि संगठनों के पदाधिकारी जुटना शुरू हो गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने एबीवीपी के हेल्पडेस्क को हटवाने की मांग शुरू कर दी। दोनों ही संगठनों की ओर से नारेबाजी होने लगी। मौके पर मुख्य नियंता प्रो. सतीश पांडेय और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह पहुंच गए।
उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अंशुमान पाठक ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उधर, सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट पहुंच गए। मुुख्य नियंता ने उनसे हेल्पडेस्क हटवाने को कहा तो अधिकारियों ने लिखित रुप में देने को कहा।
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इसके बाद मुख्य नियंता और अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने लिखित रूप से प्रशासन को दे दिया। बावजूद पुलिस और प्रशासन मौन रही। प्रदर्शन करने वालों में सपा छात्रसभा के गौरव वर्मा, भास्कर चौधरी, प्रशांत कुमार, विख्यात भट्ट, मंजेश कुमार, पुनीत त्रिपाठी, विनय यादव, आशुतोष त्रिपाठी, नितेश कुमार, सुशांत शर्मा, आदित्य शुक्ला आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी संगठन या बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। विद्यार्थियों के सहयोग के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन लगा हुआ है। एबीवीपी के पदाधिकारियों से हेल्पडेस्क हटाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने नहीं हटाया। हेल्पडेस्क हटवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित रूप से दिया गया है।-प्रो. सतीश पांडेय, मुख्य नियंता, गोविवि
प्रत्येक वर्ष की तरह हेल्पडेस्क दूूर-दराज से आए छात्रों की सहायता के लिए लगाई गई है। मुख्य नियंता एक विशेष विचारधारा से प्रेरित हैं। व्यक्तिगत द्वेषभाव के साथ अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के दबाव में आकर विद्यार्थी परिषद हेल्पडेस्क को बंद नहीं करेगा। किसी भी प्रकार की कार्यवाही के लिए परिषद कार्यकर्ता तैयार हैं।
प्रभात राय, महानगर मंत्री, एबीवीपी
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में स्नातक की कक्षाओं में प्रवेश के दौरान दीक्षा भवन के सामने काफी देर तक जमकर हंगामा चला। एबीवीपी ने विद्यार्थियों के सहयोग के लिए हेल्पडेस्क लगाया तो उसे हटाने के लिए एनएसयूआई, सपा छात्रसभा आदि संगठनों ने प्रदर्शन कर धरना देना शुरू कर दिया। मुख्य नियंता और अधिष्ठाता छात्र कल्याण के समझाने पर भी एबीवीपी के कार्यकर्ता नहीं माने। इसी दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट को विवि प्रशासन ने हेल्पडेस्क हटाने के लिए लिखित रूप से सूचना दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, एबीवीपी ने शुक्रवार को भी हेल्पडेस्क लगाने का ऐलान किया है।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब दस बजे एनएसयूआई, सपा छात्रसभा आदि संगठनों के पदाधिकारी जुटना शुरू हो गए। थोड़ी देर बाद उन्होंने एबीवीपी के हेल्पडेस्क को हटवाने की मांग शुरू कर दी। दोनों ही संगठनों की ओर से नारेबाजी होने लगी। मौके पर मुख्य नियंता प्रो. सतीश पांडेय और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह पहुंच गए।
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उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अंशुमान पाठक ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उधर, सूचना पाकर सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कैंट पहुंच गए। मुुख्य नियंता ने उनसे हेल्पडेस्क हटवाने को कहा तो अधिकारियों ने लिखित रुप में देने को कहा।
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इसके बाद मुख्य नियंता और अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने लिखित रूप से प्रशासन को दे दिया। बावजूद पुलिस और प्रशासन मौन रही। प्रदर्शन करने वालों में सपा छात्रसभा के गौरव वर्मा, भास्कर चौधरी, प्रशांत कुमार, विख्यात भट्ट, मंजेश कुमार, पुनीत त्रिपाठी, विनय यादव, आशुतोष त्रिपाठी, नितेश कुमार, सुशांत शर्मा, आदित्य शुक्ला आदि मौजूद रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी संगठन या बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। विद्यार्थियों के सहयोग के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन लगा हुआ है। एबीवीपी के पदाधिकारियों से हेल्पडेस्क हटाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने नहीं हटाया। हेल्पडेस्क हटवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को लिखित रूप से दिया गया है।-प्रो. सतीश पांडेय, मुख्य नियंता, गोविवि
प्रत्येक वर्ष की तरह हेल्पडेस्क दूूर-दराज से आए छात्रों की सहायता के लिए लगाई गई है। मुख्य नियंता एक विशेष विचारधारा से प्रेरित हैं। व्यक्तिगत द्वेषभाव के साथ अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के दबाव में आकर विद्यार्थी परिषद हेल्पडेस्क को बंद नहीं करेगा। किसी भी प्रकार की कार्यवाही के लिए परिषद कार्यकर्ता तैयार हैं।
प्रभात राय, महानगर मंत्री, एबीवीपी