फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Seven arrested for opening mule accounts under false pretenses promising benefits of government schemes

नेटवर्क मार्केटिंग का जाल: दूसरों से बैंक में खुलवाते थे म्यूल खाते , खुद रखते थे ATM-PASSBOOK, सात गिरफ्तार

Sat, 18 Apr 2026 02:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sat, 18 Apr 2026 02:54 AM IST
सार

छताछ में आरोपियों ने बताया कि ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत और ऋतुराज यादव के कहने पर वे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर जाल में फंसाते थे। जांच में आया है कि उन्होंने कई लोगों के खाते खुलवाए थे और उसके जरिये करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन किए थे।

विज्ञापन
Seven arrested for opening mule accounts under false pretenses promising benefits of government schemes
गिरफ्तार सातों आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सरकारी योजनाओं के लाभ का झांसा देकर म्यूल खाते खुलवाने और उसके जरिये साइबर ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले एक और गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र से गिरोह के सात गुर्गों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

विज्ञापन


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उन्नाव जिले के कोतवाली इलाके के सिविल लाइंस निवासी रवि सिंह उर्फ रामदास, चित्रकूट जिले के सरधुआ इलाके के सरधुआ निवासी ऋतुराज यादव, देवरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के गरूलपार निवासी दिव्यांशु सिंह उर्फ साहिल सिंह, गोरखनाथ इलाके के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी अनुज विश्वकर्मा उर्फ शुभम विश्वकर्मा, राजघाट थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत, गगहा इलाके के कईधाखुर्द के राहुल सिंह, गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर उत्तरी निवासी आदित्य चौधरी उर्फ सौरभ चौधरी के रूप में हुई।

विज्ञापन
Trending Videos

दिव्यांशु वर्तमान में रामगढ़ताल इलाके के इंदिरानगर और रामदास लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के कंचना बिहारी मार्ग कल्याणपुर में रहता था।

पुलिस के अनुसार, लोगों को लालच देकर आरोपी उनके म्यूल खाते खुलवाते थे। उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेक बुक अपने पास ही रखते थे। इसके बाद उनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के रुपयों को ठिकाने लगाने के लिए करते थे।
विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक, कोतवाली थाने में एक तहरीर मिली जिसके बाद गिरोह का पता चला। पुलिस ने जांच कर पहले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के बाद एक और आरोपी को पकड़ा गया।

झांसा देकर खुलवाया बैंक खाता
पीड़ित विनोद कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि कुछ लोगों ने सरकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर उनके बेटे को अपने जाल में फंसाया और बैंक अकाउंट खुलवाया। फिर उसका पासबुक, एटीएम कार्ड और चेक बुक अपने पास रख लिया। कुछ समय बीत जाने के बाद भी जब व्यक्ति को कोई लाभ नहीं मिला तो उसे शक हुआ।
विज्ञापन

पता चला कि उसके खाते का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड के रुपयों को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो गिरोह के बारे में पता चला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ओमकार अग्रहरि उर्फ अजीत और ऋतुराज यादव के कहने पर वे लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ का लालच देकर जाल में फंसाते थे। जांच में आया है कि उन्होंने कई लोगों के खाते खुलवाए थे और उसके जरिये करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन किए थे।

पीड़ित की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में गिरोह का पता चला। सात गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है: निमिष पाटिल, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed