{"_id":"650935a28989ffadad056b85","slug":"service-of-doctor-accused-of-taking-money-for-treatment-terminated-2023-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वस्थ पेशे की बीमार तस्वीर: इलाज के लिए रुपये लेने के आरोपी डॉक्टर की सेवा समाप्त, वीडियो हुआ था वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वस्थ पेशे की बीमार तस्वीर: इलाज के लिए रुपये लेने के आरोपी डॉक्टर की सेवा समाप्त, वीडियो हुआ था वायरल
Tue, 19 Sep 2023 11:16 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 19 Sep 2023 11:16 AM IST
सार
प्रभारी अधीक्षक डॉ. अश्विनी कुमार चौरसिया ने बताया कि पिपरा चुरामन गांव के रहने वाले राजकिशोर गौड़ ने अपने बेटे को सीएचसी भटहट के पीकू वार्ड में भर्ती कराया था। वहां जांच के लिए उनसे 1100 रुपये मांगे गए थे। रुपये देने का वीडियो वायरल हो गया था।
विज्ञापन
(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर में सीएचसी भटहट में इलाज के लिए आए बच्चे के घरवालों से रुपये लेने के आरोपी डॉ. असलम की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक सेवा प्रदाता कंपनी की तरफ से इनकी नियुक्ति की गई थी। वह वर्तमान में पीकू वार्ड में तैनात थे। रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ था। इसकी जांच प्रभारी अधीक्षक ने करके रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी थी।
प्रभारी अधीक्षक डॉ. अश्विनी कुमार चौरसिया ने बताया कि पिपरा चुरामन गांव के रहने वाले राजकिशोर गौड़ ने अपने बेटे को सीएचसी भटहट के पीकू वार्ड में भर्ती कराया था। वहां जांच के लिए उनसे 1100 रुपये मांगे गए थे। रुपये देने का वीडियो वायरल हो गया था। इस मामले में जयनारायण राय ने सीएमओ व कमिश्नर से शिकायत की थी।
प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि ड्यूटी के दौरान अनियमितता मिलने पर सेवा प्रदाता कंपनी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था। कंपनी ने इनकी सेवा समाप्त कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रभारी अधीक्षक डॉ. अश्विनी कुमार चौरसिया ने बताया कि पिपरा चुरामन गांव के रहने वाले राजकिशोर गौड़ ने अपने बेटे को सीएचसी भटहट के पीकू वार्ड में भर्ती कराया था। वहां जांच के लिए उनसे 1100 रुपये मांगे गए थे। रुपये देने का वीडियो वायरल हो गया था। इस मामले में जयनारायण राय ने सीएमओ व कमिश्नर से शिकायत की थी।
विज्ञापन
प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि ड्यूटी के दौरान अनियमितता मिलने पर सेवा प्रदाता कंपनी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था। कंपनी ने इनकी सेवा समाप्त कर दी है।
विज्ञापन