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कोरोना पर वार: जून के पहले सप्ताह से सीरो सर्वे कराने का फैसला, संक्रमित परिवारों से लिए जाएंगे नमूने
Mon, 31 May 2021 03:44 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 31 May 2021 03:44 AM IST
सार
- कोरोना संक्रमण से बचे और संक्रमित हुए परिवारों से लिए जाएंगे नमूने
- कोरोना की तीसरी लहर की चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने लिया फैसला
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में जून के पहले सप्ताह से स्वास्थ्य विभाग सर्विलांस टेस्टिंग (सीरो सर्वे) शुरू करेगा। इसके लिए 10 टीमें बनाई गई है। सर्वे की शुरूआत टीमों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दिए जाने से होगी। सर्वे की निगरानी केजीएमयू की टीम लखनऊ से करेगी। सीरो सर्वे में कोरोना संक्रमण से बचे और संक्रमित हुए परिवार के सदस्यों के नमूने लिए जाएंगे। बच्चों के नमूने लिए जा सकते हैं। इससे पता लग सकेगा कि उनके अंदर कोरोना से बचाव के लिए एंटीबॉडी बनी है या नहीं।
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने टेस्टिंग को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सीरो सर्वे के लिए बनाई जाने वाली हर टीम में डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, एएनएम और आशा शामिल रहेंगी। टीम अपने क्षेत्र में छह-छह घरों के चार-चार क्लस्टर बनाएगी। हर घर से कम से कम 18 और अधिकतम 59 साल के बीच के एक-एक सदस्य को चुना जाएगा। इसके अलावा बच्चों के भी नमूने लिए जाएंगे। चुने गए लोगों के नमूने केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे।
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टेस्टिंग से संक्रमण की सही स्थिति का लग सकेगा पता
सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि इस बार बिना किसी लक्षण वाले संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक रही है। ऐसे में आगे की चुनौती से निपटने के लिए टेस्ट बेहतर जरिया है। इससे पता लग जाएगा कि समाज के कितने बड़े वर्ग में कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम एंटीबॉडी मौजूद है। बताया कि तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा अधिक बताया जा रहा है। सीरो सर्वे के जरिए उनके अंदर भी एंटीबॉडी का पता लग सकेगा।
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सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि सीरो सर्वे के निर्देश शासन से मिल चुके हैं। इसके लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। जून के पहले सप्ताह में ही टीम की ऑनलाइन ट्रेनिंग होगी। साथ ही सर्वे भी शुरू हो जाएगा। सभी नमूने जांच के लिए केजीएमयू भेजे जाएंगे।