गोरखपुर विश्वविद्यालय: बीटेक व कृषि छात्रों के लिए बनेंगे अलग लैब, छह माह में बनाने का है लक्ष्य
गोविवि प्रशासन का छह माह में बनाने का लक्ष्य, 5-5 करोड़ की लागत से बनाए जाएंगे लैब
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय बीटेक और बीएससी (एजी) व एमएससी (एजी) पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के वाले विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल की बेहतर सुविधा देने के लिए अत्याधुनिक लैब बनाने का निर्णय लिया है। छह महीने के अंदर दो लैब का निर्माण कराकर शुरू कराने की तैयारी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने स्तर से 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। पांच करोड़ रुपये इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी और पांच करोड़ रुपये इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल साइंसेज के लिए लैब बनाने के मद में निर्धारित किए गए है। बहुत जल्द लैब के निर्माण कार्य के लिए कार्यदायी संस्था का चयन कर लिया जाएगा।
लैब के लिए जरूरी संसाधनों को जुटाने की जिम्मेदारी दोनों ही इंस्टीट्यूट के समन्वयकों को सौंप दी गई है। बीटेक और कृषि के स्नातक और परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले पहले सत्र के विद्यार्थी विश्वविद्यालय में पहले से मौजूद विज्ञान संकाय के लैब का इस्तेमाल करेंगे। अगले वर्ष से उन्हें अपने इंस्टीट्यूट के लैब में प्रैक्टिकल करने की सुविधा मिल जाएगी।
दीक्षा भवन में चलेंगी कक्षाएं
विश्वविद्यालय दोनों ही पाठ्यक्रमों की कक्षाओं के संचालन के लिए अलग से भवन निर्माण नहीं कराएगा। यह कक्षाएं दीक्षा भवन में पहले से मौजूद कमरों में संचालित होंगी। कक्षाओं को चिह्नित करने और पाठ्यक्रम के मुताबिक उन्हें तकनीकी रूप से समृद्ध करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
डीडीयू गोरखपुर के कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि बीटेक और कृषि में स्नातक व परास्नातक के विद्यार्थियों के लिए अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित लैब का निर्माण कराया जाएगा। छह महीने में लोकार्पण करा देने की योजना है।