शिविर का आयोजन: आत्मरक्षा के लिए तकनीक और आत्मविश्वास जरूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संकट काल में खुद की सुरक्षा बिना आत्मविश्वास के नहीं की जा सकती। दरअसल,आत्मरक्षा के सभी उपायों के प्रभावी ढंग से इस्तेमाल के लिए आत्मविश्वास सबसे जरूरी है। छात्राएं अगर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने की बजाय आत्मविश्वास से प्रतिकार करना सीख लें तो कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाएगा। ये बातें ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव यादव ने प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं से कही।
वह सोमवार को ‘अमर उजाला फाउंडेशन की मुहिम अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण में छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। ताइक्वांडो प्रशिक्षक ने दुश्मन पर काबू पाने के दांव पेंच बताते हुए कहा कि आपका पेन, मोबाइल, दुपट्टा भी बचाव का कारगर हथियार बन सकता है।
ताइक्वांडो प्रशिक्षक विशाल और उनकी टीम ने छात्राओं को पंच, किक, अटैक और डिफेंस आदि के तरीकों का प्रदर्शन कर दुश्मन पर काबू पाने के गुर सिखाए। इसके अलावा लाठी, डंडा, चाकू आदि हथियारों के वार से बचने का तरीका भी समझाया। ताइक्वांडो गाइड प्रतिज्ञा उपाध्याय ने आपात स्थिति में चाबी, हेयरपिन, पेन, हेयरक्लिक को हथियार के रूप में प्रयोग करने की जानकारी दी।
चंदा निषाद ने दुश्मन की आंख जैसे कमजोर अंगों पर हमला करने की सीख दी। टीम में रुद्र त्रिपाठी, शिवम गुप्ता, सनी सिंह, अंजलि गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में शशिलता मल, रूपा खरे, मनीता यादव, प्रियंका सिंह, अंशु सिंह और अनुपमा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेटियों का सशक्त होना जरूरी : प्रधानाचार्य
बेटियों को मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण छात्राओं के आत्म विश्वास को बढ़ाएगा। महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह सराहनीय प्रयास है।
-किरणमयी तिवारी, प्रधानाचार्य
ताइक्वांडो टीम ने उपलब्ध संसाधनों के सहारे आत्मरक्षा के उपायों की बहुत सटीक जानकारी दी। दुश्मन के वार को बेकार करने की ये तरकीबें कर किसी के काम आ सकती हैं। आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण हमें भविष्य में बहुत काम आने वाला है।
-पूर्णिमा सिंह कक्षा - 9
कराटे और आत्मरक्षा की कभी भी जरूरत पड़ सकती है। इस तरह के प्रशिक्षण होते रहने चाहिए। अब निडर होकर कहीं भी जा सकती हूं। अराजकतत्वों को कैसे सबक सिखाना है, आज मैंने सीख लिया। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करूंगी।
-खुशी मिश्रा कक्षा - 10
प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के तरीकों के साथ सीखने को मिला कि एकता में ही बल है। अब किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपट सकने का आत्मविश्वास है। इस तरह के कार्यक्रम होने से सभी छात्राओं को बहुत लाभ होता है। मनोबल बढ़ता है और निर्भीकता आती है।
-प्रिया पासवान कक्षा - 9
आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सीखने को मिला कि किसी भी परिस्थिति में हतोत्साहित नहीं होना है। धैर्य और चपलता से किसी भी दुश्मन को आसानी से धूल चटाई जा सकती है। इसका प्रशिक्षण मिलने से अब किसी का कोई भय नहीं रहेगा। खुद की रक्षा कर सकूंगी।
-रहनुमा खातून कक्षा -10