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गोरखपुर : 2840 माध्यमिक शिक्षकों के जांचे जाएंगे प्रमाणपत्र
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गोरखपुर : 2840 माध्यमिक शिक्षकों के जांचे जाएंगे प्रमाणपत्र
गोरखपुर। अनामिका शुक्ला प्रकरण के सामने आने के बाद से सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की स्क्रीनिंग का काम शुरू करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए जिला स्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन होगा। समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रतिष्ठित सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। उपशिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के तकरीबन 2840 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच होगी।
समिति जांच के दौरान फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराएगी। वहीं संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय को शिक्षकों के दस्तावेजों केे भेजकर सत्यापन कराएगी। साथ ही उनके शैक्षिक अभिलेखों, प्रमाणपत्रों को अपने कार्यालय में जमा कर जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखेगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने सभी जिलाधिकारियों को राजकीय माध्यमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त व संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक जांच समिति फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के लिए सक्षम अधिकारी को संस्तुति करेगी। अपर मुख्य सचिव ने जांच पूरी कर 31 जुलाई तक शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। बीते दिनों कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों के नाम सामने आने के बाद से ही मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के सत्यापन का निर्देश दिया है। जिसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य शुरू हो चुका है।
फैक्ट फिगर
विद्यालय संख्या शिक्षक
राजकीय माध्यमिक विद्यालय - 21 300
अशासकीय माध्यमिक - 117 2400
संस्कृत माध्यमिक - 32 140
कुल -170 2840
माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन हुआ है। विद्यालयों से शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं। प्रमाणपत्रों का जल्द सत्यापन कराकर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। महीने के आखिरी तक काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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-ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआईओएस
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गोरखपुर। अनामिका शुक्ला प्रकरण के सामने आने के बाद से सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की स्क्रीनिंग का काम शुरू करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए जिला स्तर पर एडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन होगा। समिति में जिला विद्यालय निरीक्षक, राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रतिष्ठित सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। उपशिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। जिले के तकरीबन 2840 शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच होगी।
समिति जांच के दौरान फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराएगी। वहीं संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय को शिक्षकों के दस्तावेजों केे भेजकर सत्यापन कराएगी। साथ ही उनके शैक्षिक अभिलेखों, प्रमाणपत्रों को अपने कार्यालय में जमा कर जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखेगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने सभी जिलाधिकारियों को राजकीय माध्यमिक, अशासकीय सहायता प्राप्त व संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक जांच समिति फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने के लिए सक्षम अधिकारी को संस्तुति करेगी। अपर मुख्य सचिव ने जांच पूरी कर 31 जुलाई तक शासन को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। बीते दिनों कस्तूरबा विद्यालयों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों के नाम सामने आने के बाद से ही मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के सत्यापन का निर्देश दिया है। जिसके बाद से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य शुरू हो चुका है।
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विद्यालय संख्या शिक्षक
राजकीय माध्यमिक विद्यालय - 21 300
अशासकीय माध्यमिक - 117 2400
संस्कृत माध्यमिक - 32 140
कुल -170 2840
माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय कमेटी का गठन हुआ है। विद्यालयों से शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज मंगाए जा रहे हैं। प्रमाणपत्रों का जल्द सत्यापन कराकर पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। महीने के आखिरी तक काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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-ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया, डीआईओएस