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Gorakhpur News:‘मृतक’ ने दे दी एनओसी...बिल बकाए पर भी मिल गया नया बिजली कनेक्शन- जानिए कैसे किया खेल

Tue, 29 Oct 2024 01:26 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Tue, 29 Oct 2024 01:26 PM IST
सार

फर्जी नया कनेक्शन: दो महीने पहले जिन डेढ़ लाख के बकाएदार उपभोक्ता की मृत्यु हो चुकी, उनके घर के परिसर में उनके ही नाम पर दूसरा बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया। 19 सितंबर 2024 को उपभोक्ता ने आवेदन किया और 10 अक्तूबर 2024 को कनेक्शन जारी कर दिया गया।

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Second new electricity connection issued in Gorakhpur despite electricity bill arrears
electricity - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजली निगम बक्शीपुर खंड में गड़बड़झाला सामने आया है। दो महीने पहले जिन डेढ़ लाख के बकाएदार उपभोक्ता की मृत्यु हो चुकी, उनके घर के परिसर में उनके ही नाम पर दूसरा बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया। 19 सितंबर 2024 को उपभोक्ता ने आवेदन किया और 10 अक्तूबर 2024 को कनेक्शन जारी कर दिया गया।

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छोटे बेटे ने आरोप लगाया कि बड़े भाई ने पिता के नाम पर फर्जी एनओसी बनवाकर जेई और लाइनमैन के साथ साठगांठ करके यह खेल खेला है। मुख्य अभियंता ने शिकायती पत्र का संज्ञान लेकर एक्सईएन से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। मुख्य अभियंता कार्यालय में सोमनाथ गुप्ता नाम के उपभोक्ता ने शिकायत की है। जटेपुर उत्तरी, काली मंदिर निवासी सोमनाथ ने बताया कि घर में बिजली कनेक्शन लंबे समय से संचालित है, जिसका खाता संख्या 2518312000 है।
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यह कनेक्शन पिताजी दिवंगत काशीनाथ गुप्ता के नाम पर है। इस कनेक्शन पर पहले डेढ़ लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था। गलत बिजली बिल आने से इसमें सुधार के लिए आवेदन कर रहा था। विधानसभा चुनाव से पहले ही इसे सही कराने के लिए निगम के चक्कर लगा रहे थे। शिकायत खंड के एक्सईएन से की गई तो उन्होंने परिसर का मीटर बदलवा कर नया लगवाकर बिल संशोधन करवा दिया।
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Second new electricity connection issued in Gorakhpur despite electricity bill arrears
electric bill electricity bill new - फोटो : istock
इसके बाद बकाया 52 हजार रुपये हो गए। ये बकाया बढ़कर एक लाख रुपये से भी अधिक हो गया है, लेकिन जेई दुर्गाबाड़ी अंकित मिश्रा, एसडीओ और लाइनमैन ने मिलकर परिसर पर बकाया होने के बाद फर्जी मृत पिता के नाम की एनओसी के सहारे परिसर पर दूसरा बिजली कनेक्शन जारी करवा दिया।

शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि मेरे द्वारा इस संबंध में कई बार एसडीओ से शिकायत कर पूरी बात बताई गई। लेकिन, उन्होंने शिकायत को न गंभीरता से लिया और न ही मामले की जांच करवाने का निर्देश दिया। मुख्य अभियंता के लिखे पत्र में उन्होंने मांग की है कि फर्जी प्रपत्रों के आधार पर बकाएदारी के परिसर में लगे दूसरे नए बिजली कनेक्शन को तत्काल बंद करवा जाए।

मामले की जांच कर दोषी जेई, लाइनमैन और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इससे दोबारा ऐसे किसी उपभोक्ता के साथ छलावा न हो सके।

 बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के जारी कर दिया कनेक्शन
शिकायती पत्र का संज्ञान लेकर मुख्य अभियंता ने मामले की पहले अपने स्तर से जांच करवाई। अगर शिकायती पत्र के तथ्यों को सही माना जाए तो ये कनेक्शन पूरी तरह गलत है। सूत्रों ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इसमें पाया गया कि मृतक के नाम से बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के और दोनों भाइयों के बीच बंटवारे के प्रपत्रों की जांच नहीं की गई।

मृतक के नाम से जारी पहले के बिजली कनेक्शन का स्थाई विच्छेदन और बकाया समाप्त नहीं करवाया गया। परिसर पर 10176 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया था।

Second new electricity connection issued in Gorakhpur despite electricity bill arrears
Electricity Fraud Alert - फोटो : Istock
इतने के बाद भी सिर्फ एक शपथ पत्र पर पिता की फोटो और अंग्रेजी में हस्ताक्षर कर उसे निगम में दे दिया गया और जेई और एसडीओ ने बिना इसके भौतिक सत्यापन कराए बकाया होने के बाद भी नया बिजली कनेक्शन जारी कर दिया।

सिर्फ शपथ पत्र किराएदारी के कनेक्शन में होता है प्रयोग
बिजली निगम के सूत्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी सप्लाइ कोड 2005 के तहत, अगर कोई किराएदार किसी भवन में संचालित बिजली कनेक्शन के अलावा अपना निजी कनेक्शन लेना चाहता है तो वैसी स्थिति में शपथ पत्र का प्रयोग होता है। ये शपथ पत्र मूल मालिक के द्वारा अपने किराएदार के पक्ष में लिखा जाता है।

इसके अलाला किराएदारी शपथ पत्र और इन सब के आधार पर प्रपत्रों के सहारे एक परिसर में दूसरा कनेक्शन जारी होता है। इसके अलावा वारिसान परिवर्तन में सबसे पहले बकाएदारी को पूरी तरह शून्य करना होगा। इसके बाद वारिशों की आपसी सहमति और भौतिक सहमति के साथ ही पूर्व के कनेक्शन धारक का अगर वो जिंदा नहीं हैं तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी प्रपत्रों की जरूरत पड़ती है। आरोप है इन नियमों का इसमें पालन नहीं किया गया।

मुख्य अभियता आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले संज्ञान में आया है। इसकी जांच के लिए अधिशासी अभियंता बक्शीपुर तो पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच करते हुए दो कार्य दिवस के भीतर रिपोर्ट तलब की है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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