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Gorakhpur News: हवाला प्रकरण में दरोगा व साथी की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज
Thu, 16 May 2024 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 16 May 2024 02:44 AM IST
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जांच के नाम पर व्यापारी का 50 लाख रुपया छीनने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जांच करने के नाम पर धोखाधड़ी कर व्यापारी का 50 लाख रुपया हड़पने के मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवनीश कुमार राय ने तत्कालीन चौकी प्रभारी बेनीगंज आलोक सिंह व गोरखनाथ थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी प्रिंस श्रीवास्तव की द्वितीय जमानत अर्जी अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि वादी व्यापारी है और प्रतिदिन रुपयों का कलेक्शन कर देर शाम घर जाता है। तीन अप्रैल 2024 की सुबह छह बजे वादी अपने भाई गगन कुमार श्रीवास्तव के साथ 50 लाख रुपया बैग में रखकर हरीश चौराहे के पास से जा रहा था। उसी समय आरोपी चौकी प्रभारी व प्रिंस श्रीवास्तव ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी और उसके भाई को रोक लिया और डरा धमका कर 50 लाख रुपया अपने पास रख लिया।
दो दिन थाने पर दौड़ाने के बाद रुपया वापस करने से इन्कार कर दिया। धमकी दी गई कि शिकायत की तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। विवेचना के दौरान केस में रंगदारी और आपराधिक साजिश की धारा बढ़ाई गई। आरोपियों ने न्यायालय में द्वितीय जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने खारिज कर दिया। पहली जमानत अर्जी एक मई को खारिज हुई थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जांच करने के नाम पर धोखाधड़ी कर व्यापारी का 50 लाख रुपया हड़पने के मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवनीश कुमार राय ने तत्कालीन चौकी प्रभारी बेनीगंज आलोक सिंह व गोरखनाथ थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी प्रिंस श्रीवास्तव की द्वितीय जमानत अर्जी अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि वादी व्यापारी है और प्रतिदिन रुपयों का कलेक्शन कर देर शाम घर जाता है। तीन अप्रैल 2024 की सुबह छह बजे वादी अपने भाई गगन कुमार श्रीवास्तव के साथ 50 लाख रुपया बैग में रखकर हरीश चौराहे के पास से जा रहा था। उसी समय आरोपी चौकी प्रभारी व प्रिंस श्रीवास्तव ने अपने साथियों के साथ मिलकर वादी और उसके भाई को रोक लिया और डरा धमका कर 50 लाख रुपया अपने पास रख लिया।
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दो दिन थाने पर दौड़ाने के बाद रुपया वापस करने से इन्कार कर दिया। धमकी दी गई कि शिकायत की तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। विवेचना के दौरान केस में रंगदारी और आपराधिक साजिश की धारा बढ़ाई गई। आरोपियों ने न्यायालय में द्वितीय जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने खारिज कर दिया। पहली जमानत अर्जी एक मई को खारिज हुई थी।
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